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by-Ravindra Sikarwar

जम्मू और कश्मीर के कटरा में स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन हजारों भक्तों ने दर्शन के लिए लंबी कतारों में इंतजार किया। नौ दिवसीय इस पवित्र उत्सव के शुभारंभ पर, मंदिर प्रशासन ने उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर सुविधाओं के साथ भक्तों के लिए सुगम दर्शन सुनिश्चित किया। यह तीर्थ स्थल, जो माता वैष्णो देवी की पवित्र गुफा के लिए प्रसिद्ध है, भक्तों के लिए आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र बना रहा।

शारदीय नवरात्रि का महत्व:
शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म में एक प्रमुख त्योहार है, जो माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के लिए समर्पित है। यह उत्सव आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होकर नौ दिनों तक चलता है, जिसके अंत में दशहरा मनाया जाता है। इस दौरान भक्त माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा पहुंचते हैं, क्योंकि यह मंदिर शक्ति की देवी के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। माता वैष्णो देवी को वैष्णवी, दुर्गा, और शेरावाली माता के रूप में पूजा जाता है, और भक्तों का मानना है कि यहां दर्शन करने से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

कटरा में भक्तों की भीड़:
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन, कटरा में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। सुबह से ही मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर भक्तों की लंबी कतारें लगी थीं। देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालु, जिनमें बुजुर्ग, युवा, और बच्चे शामिल थे, माता के दर्शन के लिए उत्साह और भक्ति के साथ कठिन चढ़ाई पर निकले। 12 किलोमीटर की इस पैदल यात्रा में भक्तों ने “जय माता दी” के जयकारों के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कुछ भक्तों ने हेलीकॉप्टर और बैटरी चालित वाहनों का उपयोग किया, जो मंदिर प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।

उन्नत सुरक्षा और सुविधाएं:
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने नवरात्रि के दौरान भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए। इस साल कई नई व्यवस्थाएं लागू की गईं, जिनमें शामिल हैं:

  • सुरक्षा व्यवस्था: मंदिर मार्ग और कटरा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
  • पंजीकरण और कतार प्रबंधन: भक्तों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध थी। कतारों को व्यवस्थित करने के लिए विशेष काउंटर और डिजिटल टोकन सिस्टम लागू किया गया।
  • स्वास्थ्य और स्वच्छता: मार्ग पर मेडिकल कैंप और प्राथमिक चिकित्सा केंद्र स्थापित किए गए। पीने के पानी, शौचालयों, और विश्राम स्थलों की संख्या बढ़ाई गई।
  • यातायात प्रबंधन: कटरा में यातायात को सुचारू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, और पार्किंग क्षेत्रों को व्यवस्थित किया गया।

श्राइन बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, “हमने भक्तों के लिए हर संभव सुविधा प्रदान करने की कोशिश की है। नवरात्रि के दौरान भीड़ को देखते हुए हमारी प्राथमिकता सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करना है।”

मंदिर का आध्यात्मिक महत्व:
वैष्णो देवी मंदिर त्रिकुटा पर्वत पर स्थित पवित्र गुफा में है, जहां माता वैष्णो देवी के तीन पिंड (महाकाली, महालक्ष्मी, और महासरस्वती) विराजमान हैं। भक्तों का मानना है कि इस गुफा में माता की शक्ति का वास है, और यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। नवरात्रि के दौरान, मंदिर को फूलों और रोशनी से सजाया गया, जिससे इसकी सुंदरता और आध्यात्मिकता और बढ़ गई।

भक्तों की अनुभव और भावनाएं:
नवरात्रि के पहले दिन दर्शन के लिए आए भक्तों ने अपनी खुशी और श्रद्धा व्यक्त की। दिल्ली से आए एक भक्त, रमेश कुमार ने कहा, “माता के दर्शन के लिए मैं हर साल नवरात्रि में आता हूं। इस बार व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हैं, और कतार में इंतजार के बावजूद माहौल भक्तिमय है।” एक अन्य भक्त, गुजरात की प्रियंका शाह ने बताया, “12 किलोमीटर की चढ़ाई कठिन थी, लेकिन माता के जयकारों और साथी भक्तों के उत्साह ने इसे आसान बना दिया।”

नवरात्रि के दौरान अन्य आयोजन:
मंदिर परिसर में नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा-अर्चना और हवन का आयोजन किया गया। भक्तों के लिए माता की चौकी और भजन संध्याएं भी आयोजित की गईं, जिनमें स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, कटरा में सामुदायिक भंडारों का आयोजन किया गया, जहां भक्तों को मुफ्त भोजन वितरित किया गया।

प्रशासन की अपील:
श्राइन बोर्ड ने भक्तों से अपील की कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और पर्यावरण का ध्यान रखें। प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध और स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाए गए। भक्तों को सलाह दी गई कि वे अपनी यात्रा से पहले ऑनलाइन पंजीकरण कर लें ताकि भीड़ को प्रबंधित करने में आसानी हो।

निष्कर्ष:
शारदीय नवरात्रि 2025 के पहले दिन माता वैष्णो देवी मंदिर में भक्तों का उत्साह और भक्ति देखते ही बनता था। हजारों श्रद्धालुओं ने लंबी कतारों और कठिन चढ़ाई के बावजूद माता के दर्शन किए। उन्नत सुरक्षा और सुविधाओं ने इस पवित्र यात्रा को और सुगम बनाया। यह नवरात्रि न केवल आध्यात्मिक उत्साह का प्रतीक है, बल्कि माता वैष्णो देवी के प्रति भक्तों की अटूट श्रद्धा को भी दर्शाती है।

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