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by-Ravindra Sikarwar

24 सितंबर, 2025 को आयोजित 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान और रानी मुखर्जी के बीच एक मजेदार पल ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। समारोह में शाहरुख द्वारा रानी का मेडल ठीक करने का हल्का-फुल्का क्षण “बेस्ट फ्रेंड्स” मीम्स का कारण बन गया। वहीं, मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मोहनलाल को उनकी फिल्म ‘जेलर’ के लिए प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शाहरुख के भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहुंच पर दिए गए भाषण ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं।

समारोह का आकर्षण: शाहरुख और रानी का दोस्ताना अंदाज
दिल्ली में आयोजित इस भव्य समारोह में शाहरुख खान और रानी मुखर्जी की जोड़ी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। जब शाहरुख ने रानी का मेडल ठीक करने की कोशिश की, तो दोनों के बीच की केमिस्ट्री और हंसी-मजाक ने सभी को मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। प्रशंसकों ने इसे “दोस्ती की मिसाल” करार देते हुए कई मजेदार मीम्स बनाए, जिसमें उनकी पुरानी फिल्मों जैसे ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘चलते चलते’ की यादें ताजा की गईं।

मोहनलाल को दादासाहेब फाल्के सम्मान:
मलयालम सिनेमा के आइकन मोहनलाल को उनकी फिल्म ‘जेलर’ में शानदार प्रदर्शन और भारतीय सिनेमा में दशकों के योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया। यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान है, और मोहनलाल ने इसे प्राप्त करते हुए अपने प्रशंसकों और सहकर्मियों का आभार जताया। उनकी स्वीकार्यता भाषण में उन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा की ताकत और इसके वैश्विक प्रभाव पर जोर दिया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

शाहरुख का प्रेरक भाषण:
शाहरुख खान, जिन्हें उनकी फिल्मों के लिए पुरस्कार मिला, ने अपने भाषण में भारतीय सिनेमा की वैश्विक लोकप्रियता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “भारतीय सिनेमा अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और कहानियों का वैश्विक दूत बन चुका है।” उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा छेड़ दी, और कई यूजर्स ने इसे भारतीय सॉफ्ट पावर की जीत बताया।

अन्य प्रमुख विजेता:
समारोह में कई अन्य सितारों और फिल्मों को भी सम्मानित किया गया। विभिन्न श्रेणियों में हिंदी, मलयालम, तमिल और अन्य क्षेत्रीय सिनेमा की फिल्मों ने पुरस्कार जीते। यह आयोजन भारतीय सिनेमा की विविधता और समृद्धि का उत्सव बन गया।

सोशल मीडिया पर उत्साह:
प्रशंसकों ने शाहरुख-रानी की जोड़ी को “क्लासिक बॉलीवुड” कहकर सराहा, जबकि मोहनलाल के सम्मान को क्षेत्रीय सिनेमा के लिए गर्व का विषय बताया। कई यूजर्स ने भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान पर गर्व जताया, खासकर हाल ही में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति द्वारा संयुक्त राष्ट्र में “ओम शांति ओम” के उल्लेख के बाद।

निष्कर्ष:
71वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह न केवल भारतीय सिनेमा की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि इसने सितारों के बीच की दोस्ती और प्रेरक संदेशों के जरिए प्रशंसकों को जोड़ा। शाहरुख और रानी का पल हो या मोहनलाल का सम्मान, यह आयोजन भारतीय सिनेमा की ताकत और एकता को दर्शाता है।

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