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by-Ravindra Sikarwar

मध्य प्रदेश के दतिया जिले के चुनगर फाटक क्षेत्र में मंगलवार रात को 8-10 हथियारबंद बदमाशों ने एक युवक के आवास पर खूनी खेल रचा। पुरानी दुश्मनी के चलते हुई इस फायरिंग की पूरी वारदात सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई। पुलिस ने जांच तेज कर दी है और जल्द ही अपराधियों को दबोचने का वादा किया है।

चुनगर फाटक: शांत रात में गोलीबारी की गूंज, पूरा इलाका सन्नाटे में डूबा
मध्य प्रदेश के दतिया शहर के चुनगर फाटक इलाके में मंगलवार की देर रात एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे क्षेत्र को दहशत की चपेट में ले लिया। लगभग रात 10 बजे के आसपास 8 से 10 संदिग्ध बदमाशों ने असल आदिवासी नाम के एक स्थानीय युवक के घर पर अचानक धावा बोल दिया। इनके पास दुनाली राइफलें और अन्य घातक हथियार थे, जिनसे उन्होंने घर की ओर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। यह पूरी घटना पड़ोस के एक दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ तौर पर कैद हो गई, जो अब पुलिस की जांच का मुख्य आधार बनी हुई है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, बदमाश काले कपड़ों में लिपटे हुए थे और वे बाइक और कारों से आए थे। फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास के घरों में चीख-पुकार मच गई। लोग दरवाजे-खिड़कियां बंद करके छिप गए, जबकि कुछ ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सड़क पर सन्नाटा पसर गया और इलाके की गलियां घंटों तक सुनसान रहीं।

पुरानी रंजिश ने लिया खतरनाक रूप, मामूली झगड़ा बना जानलेवा साजिश:
पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह हमला असल आदिवासी और कुछ स्थानीय गुंडों के बीच हुए एक मामूली विवाद से उपजा है। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले बाजार में असल का कुछ युवकों से छोटा-मोटा बहस हो गया था, जो बातचीत के बाद शांत हो गई थी। लेकिन पीछे से कुछ लोग इस विवाद को हवा देकर रंजिश को हद पार कर गए। बदमाशों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए घर का चैन-खटका तोड़ दिया और बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी।

असल आदिवासी उस वक्त घर पर अकेले थे, क्योंकि उनका परिवार पास के रिश्तेदारों के यहां गया हुआ था। गोलीबारी में घर की दीवारों, दरवाजे और खिड़कियों पर कई राउंड गोलियां लगीं, लेकिन ईश्वर की कृपा से कोई गंभीर चोट नहीं लगी। असल ने बताया, “मैं सो रहा था, तभी बाहर तेज धमाकों की आवाज आई। बाहर झांकते ही देखा कि लोग भाग रहे हैं। मैंने तुरंत छिपकर फोन किया और पुलिस बुलाई।” घटना के बाद असल और उनके परिवार को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।

दहशतग्रस्त इलाका: व्यापारियों और महिलाओं में बढ़ी चिंता, रात्रि गश्त की मांग
यह घटना चुनगर फाटक जैसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र के लिए झटका है, जहां दिनभर बाजार गुलजार रहता है। सुबह होते ही स्थानीय दुकानदारों और निवासियों ने सड़कों पर जमा होकर चर्चा शुरू कर दी। एक बुजुर्ग निवासी रामस्वरूप ने कहा, “यहां पहले भी छोटे-मोटे झगड़े होते रहते थे, लेकिन इतनी बेधड़क फायरिंग कभी नहीं देखी। बच्चे और महिलाएं अब रात को दरवाजा खोलने से डर रही हैं।” इलाके की महिलाओं ने सामूहिक रूप से पुलिस अधीक्षक से रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है।

इस घटना ने दतिया जिले में बढ़ते अपराधों की ओर फिर से ध्यान खींचा है। पिछले कुछ महीनों में जिले में हथियारों का इस्तेमाल बढ़ा है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय संगठनों ने प्रशासन से कड़े कदम उठाने की अपील की है, ताकि ऐसी वारदातें दोबारा न हों।

पुलिस ने कसी नकेल: सीसीटीवी फुटेज से सुराग, जल्द गिरफ्तारी का भरोसा
दतिया पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। घटनास्थल पर पहुंची टीम ने फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य संग्रह किया, जिसमें खाली कारतूस और टूटे ताले शामिल हैं। एसपी दतिया, सुरज कुमार वर्मा ने एक प्रेस वार्ता में कहा, “हमारे पास सीसीटीवी फुटेज है, जिसमें बदमाशों के चेहरे साफ दिख रहे हैं। स्पेशल टीम गठित कर दी गई है और 24 घंटे के अंदर मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट, 307 आईपीसी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हो चुका है। इलाके में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है।”

पुलिस ने आसपास के थानों से भी सहयोग मांगा है और संदिग्धों की तलाश में वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी है। वर्मा ने जनता से अपील की कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना दें। प्रारंभिक पूछताछ में कुछ गवाहों ने बदमाशों को स्थानीय बताया है, जिससे जांच आसान हो सकती है।

आगे की राह: सुरक्षा मजबूत करने की जरूरत
यह घटना न सिर्फ एक परिवार की चिंता का विषय है, बल्कि पूरे समुदाय के लिए खतरे की घंटी
है। दतिया प्रशासन को अब हथियारों की तस्करी और पुरानी रंजिशों को सुलझाने के लिए ठोस योजना बनानी होगी। स्थानीय नेता भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की बात कह रहे हैं। फिलहाल, चुनगर फाटक में सामान्यcy बहाल करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन लोगों के मन में डर का साया अभी भी मंडरा रहा है।

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