by-Ravindra Sikarwar
भारतीय राजनीति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दुरुपयोग को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता, हीराबेन मोदी, का एक एआई-जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद एक भाजपा कार्यकर्ता ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत और आरोप:
यह शिकायत एक भाजपा कार्यकर्ता ने नई दिल्ली में दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी की छवि खराब करने और राजनीतिक लाभ के लिए यह फर्जी वीडियो बनाया है। वीडियो में कथित तौर पर हीराबेन मोदी को अपने बेटे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणियां करते हुए दिखाया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और इसे ‘डीपफेक’ तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है, ताकि जनता के बीच भ्रम फैलाया जा सके और चुनावी माहौल में प्रधानमंत्री के प्रति नकारात्मक धारणा बनाई जा सके। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने जानबूझकर यह वीडियो फैलाया है ताकि जनता की भावनाओं को भड़काया जा सके।
बढ़ती ‘डीपफेक’ समस्या:
यह घटना भारत में राजनीतिक उद्देश्यों के लिए एआई-जनरेटेड कंटेंट (डीपफेक) के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। हाल के दिनों में, कई प्रमुख राजनेताओं और हस्तियों के फर्जी वीडियो सामने आए हैं, जिन्होंने सार्वजनिक बहस और विश्वास को प्रभावित किया है।
कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब ऐसे मामलों से निपटने के लिए नई चुनौतियों का सामना कर रही हैं, क्योंकि इन वीडियो की प्रामाणिकता की पहचान करना और उनके स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वीडियो बनाने तथा उसे फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
