by-Ravindra Sikarwar
काबुल: अफगानिस्तान में आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 800 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों घायल हैं। इस त्रासदी के बाद, भारत ने तुरंत मानवीय सहायता भेजी है।
भूकंप का केंद्र हिंदू कुश पर्वतमाला में था और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.3 मापी गई। भूकंप के झटके इतने शक्तिशाली थे कि कई इमारतें ध्वस्त हो गईं और भूस्खलन भी हुए। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका हेरात प्रांत है, जहां बचाव कार्य अभी भी जारी है।
इस दुखद घटना के बाद, भारत सरकार ने तत्काल सहायता पहुंचाने का निर्णय लिया। भारतीय वायु सेना के विमान के माध्यम से राहत सामग्री भेजी गई, जिसमें दवाएं, चिकित्सा उपकरण, आपातकालीन खाद्य सामग्री, और कंबल शामिल हैं। इस मानवीय सहायता का उद्देश्य भूकंप पीड़ितों को तत्काल राहत प्रदान करना है।
भारत के विदेश मंत्री ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया और अफगानिस्तान के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में अफगानिस्तान के साथ खड़ा है।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय भी इस संकट में अफगानिस्तान की मदद के लिए आगे आया है। संयुक्त राष्ट्र, रेड क्रॉस, और अन्य कई देशों ने भी राहत सामग्री और बचाव दल भेजे हैं।
अफगानिस्तान में स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। बचाव दल मलबे में दबे लोगों को खोजने और घायलों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, कठिन मौसम और दुर्गम रास्तों के कारण बचाव कार्यों में बाधा आ रही है।
इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पानी, और आश्रय की तत्काल आवश्यकता है। भारत सहित अन्य देशों से मिल रही सहायता से उम्मीद है कि पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत मिलेगी और वे इस मुश्किल घड़ी से उबर पाएंगे।
