by-Ravindra Sikarwar
ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रमुख बिजली कंपनी टॉरेंट पावर को मध्य प्रदेश में 1,600 मेगावाट का एक कोयला-आधारित थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) प्राप्त हुआ है। यह एक बहुत बड़ा निवेश है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग ₹22,000 करोड़ है।
परियोजना का विवरण:
यह परियोजना मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थापित की जाएगी, जिसे टॉरेंट पावर ने एक प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से जीता है। इस परियोजना के तहत, कंपनी दो चरणों में 800-800 मेगावाट की दो इकाइयाँ स्थापित करेगी, जिससे कुल क्षमता 1,600 मेगावाट हो जाएगी।
- निवेश: इस परियोजना में लगभग ₹22,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा, जो राज्य के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।
- बिजली खरीद समझौता (PPA): इस प्लांट से उत्पन्न होने वाली बिजली को खरीदने के लिए टॉरेंट पावर ने मध्य प्रदेश और गुजरात की बिजली वितरण कंपनियों के साथ एक दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौता (PPA) किया है।
- रोजगार सृजन: इस विशाल परियोजना से न केवल क्षेत्र की बिजली आपूर्ति में सुधार होगा, बल्कि निर्माण और परिचालन के दौरान हजारों की संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा।
टॉरेंट पावर और मध्य प्रदेश के लिए महत्व:
टॉरेंट पावर के लिए यह प्रोजेक्ट एक महत्वपूर्ण विस्तार है, जो बिजली उत्पादन क्षेत्र में उसकी स्थिति को और मजबूत करेगा। कंपनी ने अपने स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो के अलावा थर्मल पावर उत्पादन में भी अपनी पकड़ बनाए रखी है।
वहीं, मध्य प्रदेश सरकार के लिए यह निवेश राज्य के औद्योगिक विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह परियोजना राज्य की बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने में मदद करेगी और इसे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। यह निवेश राज्य में और अधिक उद्योगों को आकर्षित कर सकता है।
