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by-Ravindra Sikarwar

गणेश चतुर्थी भारत भर में मनाया जाने वाला एक प्रमुख हिंदू त्योहार है, जो भगवान गणेश के जन्म का उत्सव मनाता है। यह त्योहार ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य के देवता, भगवान गणेश के प्रति श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है।

गणेश चतुर्थी क्या है?
यह उत्सव दस दिनों तक चलता है और हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद महीने के चौथे दिन (चतुर्थी) को शुरू होता है, जो आमतौर पर अगस्त या सितंबर में आता है। यह त्योहार भक्तों के जीवन में नई शुरुआत और सभी बाधाओं को दूर करने का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान भगवान गणेश की पूजा करने से ज्ञान, धन और संतुष्टि की प्राप्ति होती है।

कैसे मनाया जाता है यह त्योहार?

  1. प्रतिमा की स्थापना: इस उत्सव की शुरुआत घरों और सार्वजनिक पंडालों (सजे हुए अस्थायी मंडप) में भगवान गणेश की मिट्टी की मूर्तियों की स्थापना के साथ होती है। ये मूर्तियां अलग-अलग आकार और आकारों में बनाई जाती हैं, जिनमें से कुछ बहुत बड़ी और भव्य होती हैं।
  2. दैनिक अनुष्ठान: भक्त प्रतिदिन भगवान गणेश की पूजा करते हैं, उन्हें मोदक (गणेश जी का पसंदीदा व्यंजन), फूल, नारियल और अन्य प्रसाद चढ़ाते हैं। इस दौरान भजन, आरती और विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
  3. सामुदायिक भावना: यह त्योहार सामुदायिक भावना को बढ़ावा देता है, जहाँ लोग एक-दूसरे के घरों और पंडालों में जाकर मिलते हैं, प्रसाद साझा करते हैं और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेते हैं।

गणेश विसर्जन: त्योहार का भव्य समापन
गणेश चतुर्थी का समापन गणेश विसर्जन नामक एक अनुष्ठान के साथ होता है।

  • भव्य शोभायात्रा: इस अनुष्ठान के दौरान, गणेश प्रतिमाओं को एक भव्य शोभायात्रा के साथ नदियों, झीलों या समुद्र में विसर्जित किया जाता है।
  • मंत्रोच्चार और नृत्य: यह विसर्जन प्रक्रिया “गणपति बाप्पा मोरया!” के जयकारों और पारंपरिक नृत्यों के साथ होती है, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो जाता है।
  • प्रतीकात्मक महत्व: यह विसर्जन सृजन और विघटन के चक्र का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि विसर्जन के बाद, भगवान गणेश अपने स्वर्गीय निवास में लौट जाते हैं, और अगले वर्ष फिर से भक्तों के घरों में आएंगे।

समारोह में मशहूर हस्तियों की भागीदारी:
कई बॉलीवुड सितारे और अन्य सार्वजनिक हस्तियां गणेश चतुर्थी को बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। वे अपने घरों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना करते हैं और उत्सवों की मेजबानी करते हैं। इन समारोहों में अक्सर प्रार्थनाएं, भक्ति गीत, सांस्कृतिक प्रदर्शन और परिवार व दोस्तों के साथ भोजन का आदान-प्रदान शामिल होता है।

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