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by-Ravindra Sikarwar

Noida: दिल्ली के नॉएडा में दहेज हत्या का एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ पीड़िता के पिता ने अपने पोते के दुखद हालात बयाँ किए हैं। इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।

नोएडा: दहेज हत्या का दर्दनाक मामला, पोते का हृदय विदारक हाल:
नोएडा के सेक्टर 123 में रहने वाले एक परिवार के लिए, खुशहाल जीवन का सपना उस वक्त टूट गया जब उनकी बेटी की शादी के दो साल बाद ही दहेज के लालच ने उसकी जान ले ली। पीड़िता के पिता, जो एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं, ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनकी बेटी की शादी दो साल पहले ही हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही, ससुराल वालों ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी।

पिता ने बताया कि उन्होंने कई बार आर्थिक मदद की, लेकिन दहेज की मांग बढ़ती ही गई। जब उनकी बेटी ने विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।

“दहेज के लिए मेरी बेटी को मार डाला”:
पीड़िता के पिता ने रोते हुए बताया, “उन्होंने मेरी बेटी को दहेज के लिए मार डाला। उन्होंने कहा कि जब तक हम उन्हें ₹5 लाख और एक कार नहीं देते, वे उसे घर में नहीं रहने देंगे।” उन्होंने बताया कि बेटी को लगातार धमकियां दी जा रही थीं और उसे बार-बार घर से निकालने की बात कही जा रही थी।

एक दिन, उन्हें सूचना मिली कि उनकी बेटी की अचानक मौत हो गई है। जब वे ससुराल पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि उनकी बेटी का शव कमरे में पड़ा था और उस पर चोट के निशान थे। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए पति, सास और ससुर सहित ससुराल वालों के खिलाफ दहेज हत्या और प्रताड़ना का मामला दर्ज किया है।

पोते का दर्दनाक बयान: “मेरी माँ को मार दिया”:
इस दुखद घटना में, सबसे ज़्यादा दिल दहलाने वाली बात पीड़िता के पाँच साल के बेटे का बयान है। बच्चे ने अपने दादा के सामने रोते हुए कहा, “उन्होंने मेरी माँ को मार दिया।” इस मासूम बच्चे के बयान ने घटना की भयावहता को और भी स्पष्ट कर दिया है। पिता ने बताया कि उनका पोता सदमे में है और उसने अपनी माँ को बचाने की कोशिश भी की थी, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका।

यह घटना न केवल दहेज जैसी कुप्रथा की क्रूरता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे मासूम बच्चे भी ऐसे अपराधों का शिकार होते हैं। पुलिस इस मामले की गहनता से जाँच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। यह मामला समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि दहेज जैसी बुराई को रोकने के लिए हमें सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे।

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