by-Ravindra Sikarwar
दिल्ली में भारी बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे प्रशासन ने निवासियों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की है।
दिल्ली में यमुना का बढ़ता जलस्तर:
पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में यमुना नदी के जलस्तर को तेजी से बढ़ा दिया है। नदी ने अपने खतरे के निशान, जो 205.33 मीटर है, को पार कर लिया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। जलस्तर में वृद्धि का मुख्य कारण हरियाणा के हथनीकुंड बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा पानी है, जो दिल्ली में यमुना में आकर मिलता है।
सरकार द्वारा उठाए गए कदम:
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, दिल्ली सरकार और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं।
- बाढ़ चेतावनी जारी: नदी के किनारे और निचले इलाकों जैसे कि यमुना बाजार, ओल्ड रेलवे ब्रिज के पास के क्षेत्रों और मयूर विहार के कुछ हिस्सों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
- राहत शिविरों की स्थापना: लोगों को अस्थायी रूप से ठहराने के लिए विभिन्न स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- एनडीआरएफ की टीमें तैनात: राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल बचाव और राहत कार्य शुरू किया जा सके।
- निगरानी और समन्वय: दिल्ली सरकार के मंत्री और अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। वे हरियाणा और अन्य पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं ताकि पानी के प्रवाह की जानकारी मिल सके और उसके अनुसार तैयारियां की जा सकें।
निवासियों से अपील:
प्रशासन ने सभी निवासियों से सहयोग की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे समय रहते अपने घरों को खाली कर दें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। पालतू जानवरों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना भी जरूरी है।
फिलहाल, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और बारिश होने का अनुमान लगाया है, जिससे यमुना का जलस्तर और बढ़ सकता है। प्रशासन और जनता दोनों के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है, और सभी को मिलकर इस स्थिति का सामना करना होगा।
