by-Ravindra Sikarwar
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में पहले रेल कोच विनिर्माण इकाई की स्थापना के साथ ही ‘स्वदेशी’ भावना पर जोर दिया है। इस इकाई का उद्देश्य न केवल राज्य के विकास को गति देना है, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी बढ़ावा देना है।
‘स्वदेशी’ का महत्व:
मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह विनिर्माण इकाई सिर्फ एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक प्रतीक है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हमें अपनी जरूरतों के लिए विदेशी तकनीकों पर निर्भर रहने के बजाय, अपनी क्षमताओं और संसाधनों का उपयोग करके स्वदेशी उत्पादों का निर्माण करना चाहिए। यह इकाई इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत को रेल कोच विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव:
इस परियोजना से मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को लाभ मिलेगा। इसके अलावा, यह क्षेत्र में सहायक उद्योगों के विकास को भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह इकाई भारत की रेल परिवहन प्रणाली को आधुनिक बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और उच्च गुणवत्ता वाले रेल कोचों का उत्पादन करेगी।
