by-Ravindra Sikarwar
बोइंग 737 मैक्स एक बार फिर नकारात्मक कारणों से सुर्खियों में है। हाल की घटनाओं, जिनमें एक मैक्स 9 के फ्यूजलेज पैनल का हवा में उड़ जाना शामिल है, ने इस विमान की सुरक्षा और बोइंग द्वारा स्थिति को संभालने के तरीके पर फिर से चिंताएं बढ़ा दी हैं। जांच चल रही है, जिसमें बोइंग के डिजाइन, निर्माण और प्रमाणन प्रक्रियाओं की बारीकी से जांच की जा रही है, खासकर MCAS प्रणाली के साथ पिछली समस्याओं को देखते हुए। यह नई जांच उन कानूनी लड़ाइयों के साथ हो रही है जो पिछले 737 मैक्स दुर्घटनाओं से संबंधित हैं, जिनमें 346 लोगों की जान चली गई थी।
जांच जारी :
एफएए (संघीय उड्डयन प्रशासन) और अन्य नियामक निकाय हाल की घटनाओं की सक्रिय रूप से जांच कर रहे हैं। विशेष रूप से, वे मैक्स 9 के फ्यूजलेज पैनल के हवा में उड़ जाने और अन्य मैक्स 9 विमानों पर ढीले बोल्ट की खोज पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इन जांचों का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि ये समस्याएं क्यों पैदा हुईं और क्या बोइंग की गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं में कोई गंभीर खामियां थीं।
MCAS प्रणाली:
मैन्यूवरिंग कैरेक्टरिस्टिक्स ऑग्मेंटेशन सिस्टम (MCAS), जो 2018 और 2019 में हुई दो घातक 737 मैक्स दुर्घटनाओं में एक प्रमुख कारक था, अभी भी जांच के दायरे में है। पिछली जांचों से पता चला था कि MCAS एक सिंगल सेंसर पर निर्भर करता था। यह भी सामने आया था कि बोइंग ने पायलटों को दोबारा प्रशिक्षण देने से बचने के लिए इस प्रणाली के महत्व को कम करके आंका हो सकता है, जिससे विमान के अनियंत्रित गोता लगाने की स्थिति बनी थी।
बोइंग की प्रतिक्रिया और कानूनी पेच:
बोइंग ने एयरलाइंस और यात्रियों के लिए हुई “महत्वपूर्ण बाधा” को स्वीकार किया है और गुणवत्ता व डिलीवरी में सुधार के लिए एक “व्यापक योजना” लागू की है। हालांकि, नियामक संस्थाओं को धोखा देने के लिए एक खारिज की गई याचिका सौदे सहित चल रहे कानूनी मुद्दे, बोइंग की जवाबदेही पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। बोइंग को इन दुर्घटनाओं से संबंधित कई मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है, और पीड़ितों के परिवारों ने कंपनी पर लापरवाही और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है।
एयरलाइंस पर प्रभाव:
एयरलाइंस ग्राउंडिंग और MAX के आसपास की चल रही अनिश्चितता से जूझ रही हैं। कुछ एयरलाइंस ने बोइंग द्वारा स्थिति को संभालने के तरीके पर निराशा व्यक्त की है, पारदर्शिता और बेहतर संचार की आवश्यकता पर जोर दिया है। इन घटनाओं के कारण उड़ानों में देरी और रद्द होने से एयरलाइंस को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। यात्री भी इन घटनाओं के कारण बोइंग MAX विमानों में यात्रा करने को लेकर आशंकित हैं, जिससे एयरलाइंस को अपनी बुकिंग और ग्राहकों के विश्वास को बनाए रखने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
सीखे गए सबक:
737 मैक्स के इर्द-गिर्द की घटनाएं विमान डिजाइन और निर्माण में सुरक्षा को प्राथमिकता देने के महत्व की एक कड़ी याद दिलाती हैं। इसके साथ ही, यह मजबूत नियामक निरीक्षण और प्रभावी संकट संचार की आवश्यकता को भी उजागर करती हैं। यह दिखाता है कि वित्तीय दबाव या प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के लिए सुरक्षा को कभी भी कम नहीं आंकना चाहिए। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि नियामक निकायों को कंपनियों पर उनकी प्रक्रियाओं और प्रणालियों में पूर्ण पारदर्शिता के लिए कड़ा नियंत्रण बनाए रखना चाहिए। बोइंग के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है जहां उसे अपनी प्रतिष्ठा और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अपनी प्रक्रियाओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल में गहराई से सुधार करने की आवश्यकता है।
