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by-Ravindra Sikarwar

कनाडा में प्रतिष्ठित जी7 शिखर सम्मेलन का औपचारिक रूप से आगाज़ हो गया है, जहाँ दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए एक साथ आए हैं। यह शिखर सम्मेलन विशेष रूप से मौजूदा भू-राजनीतिक उथल-पुथल और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर केंद्रित है, जिसमें इजरायल, ईरान, गाजा और यूक्रेन में चल रहे संघर्ष प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं।

आर्थिक स्थिरता और विकास पर चर्चा:

शिखर सम्मेलन के शुरुआती सत्रों में वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। नेताओं ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की। डिजिटल अर्थव्यवस्था को विनियमित करने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नैतिक उपयोग और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए हरित प्रौद्योगिकियों में निवेश जैसे मुद्दे भी आर्थिक एजेंडे का हिस्सा हैं। सदस्य देशों ने व्यापारिक बाधाओं को कम करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया।

मध्य पूर्व में जटिल संघर्ष:
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, साथ ही गाजा पट्टी में मानवीय संकट, जी7 नेताओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इन संघर्षों के क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभावों पर व्यापक चर्चा की उम्मीद है। नेता एक स्थायी शांति स्थापित करने, मानवीय सहायता पहुंचाने और तनाव कम करने के लिए राजनयिक प्रयासों का समर्थन करने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि इन संघर्षों को और बढ़ने से कैसे रोका जाए ताकि वैश्विक ऊर्जा बाजारों और सुरक्षा पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

यूक्रेन संघर्ष और उसके परिणाम:
यूक्रेन में चल रहा संघर्ष शिखर सम्मेलन के एजेंडे में सबसे ऊपर है। जी7 देश यूक्रेन के प्रति अपने अटूट समर्थन को दोहराने के लिए तैयार हैं, जिसमें सैन्य सहायता, वित्तीय सहायता और मानवीय सहायता शामिल है। रूस पर दबाव बनाए रखने के लिए प्रतिबंधों की प्रभावशीलता और उन्हें आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हो रही है। नेताओं का लक्ष्य यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान सुनिश्चित करना है, और इस संघर्ष के वैश्विक खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।

बहुपक्षवाद और सहयोग का महत्व:
पूरे शिखर सम्मेलन के दौरान, नेताओं से बहुपक्षवाद के महत्व और साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर देने की उम्मीद है। वे वैश्विक स्वास्थ्य, विकास और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भविष्य के सहयोग के लिए रोडमैप तैयार करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। कनाडा मेजबान के रूप में, इन महत्वपूर्ण चर्चाओं को सुविधाजनक बनाने और सभी सदस्य देशों के बीच आम सहमति बनाने का प्रयास कर रहा है ताकि वैश्विक स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

यह शिखर सम्मेलन न केवल मौजूदा संकटों पर प्रतिक्रिया देने का एक मंच है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए रणनीतियों को आकार देने और दुनिया को अधिक सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने का भी एक अवसर है।

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