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by-Ravindra Sikarwar

मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और देश के सबसे धनी व्यक्ति मुकेश अंबानी ने अपनी शिक्षा स्थली, मुंबई स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT) को 151 करोड़ रुपये का विशाल दान दिया है। यह अंबानी की ओर से शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण परोपकारी कदम है, जो अपनी पुरानी संस्था के प्रति उनके गहरे लगाव और भविष्य के प्रति उनकी दृष्टि को दर्शाता है।

दान का महत्व और उद्देश्य:
151 करोड़ रुपये की यह राशि आईसीटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी। उम्मीद है कि इस दान का उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा, जिससे संस्थान को वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति और मजबूत करने में मदद मिलेगी:

  1. अनुसंधान और विकास (R&D) को बढ़ावा: यह राशि रासायनिक प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग में अत्याधुनिक अनुसंधान परियोजनाओं को वित्तपोषित करने में मदद करेगी। इससे नए नवाचारों और प्रौद्योगिकियों के विकास को गति मिलेगी, जो देश की औद्योगिक और वैज्ञानिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  2. बुनियादी ढांचे का उन्नयन: दान का उपयोग नई प्रयोगशालाओं, आधुनिक उपकरणों, उन्नत शिक्षण सुविधाओं और स्मार्ट कक्षाओं के निर्माण या उन्नयन के लिए किया जा सकता है। इससे छात्रों और शोधकर्ताओं को विश्वस्तरीय माहौल मिलेगा।
  3. छात्रवृत्ति और संकाय विकास: यह फंड मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने में सहायक होगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्र भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, यह विश्वस्तरीय संकाय सदस्यों को आकर्षित करने और मौजूदा शिक्षकों के पेशेवर विकास के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।
  4. नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहन: इस दान से आईसीटी में एक ऐसा इकोसिस्टम विकसित किया जा सकता है, जो छात्रों और शोधकर्ताओं को अपने विचारों को वास्तविक उत्पादों और स्टार्टअप में बदलने के लिए प्रेरित करेगा।
  5. वैश्विक सहयोग: यह राशि आईसीटी को अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने, संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रमों और छात्र विनिमय कार्यक्रमों को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकती है।

मुकेश अंबानी और आईसीटी का रिश्ता:
मुकेश अंबानी ने आईसीटी (तत्कालीन UDCT) से केमिकल इंजीनियरिंग में अपनी स्नातक की पढ़ाई की थी। यह संस्थान हमेशा से भारत में रासायनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र रहा है, जिसने देश के कई शीर्ष उद्योगपतियों और वैज्ञानिकों को तैयार किया है। अपनी अल्मा मेटर को इतना बड़ा दान देकर, अंबानी ने न केवल अपनी जड़ों के प्रति सम्मान व्यक्त किया है, बल्कि देश में वैज्ञानिक अनुसंधान और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को भी दर्शाया है।

यह दान भारत में शिक्षा और परोपकार के क्षेत्र में एक नया मानदंड स्थापित करेगा। यह अन्य सफल पेशेवरों को भी अपने मूल संस्थानों में वापस निवेश करने और देश के शैक्षणिक परिदृश्य को मजबूत करने के लिए प्रेरित कर सकता है। आईसीटी के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वह इस दान का उपयोग कर रासायनिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करे।

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