Spread the love

भोपाल, मध्य प्रदेश: 7 मार्च 2017 को हुए भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन ब्लास्ट मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस केस के 17 वर्षीय नाबालिग आरोपी को मानसिक और शारीरिक रूप से परिपक्व मानते हुए यह निर्देश दिया है कि उसका ट्रायल जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में ही वयस्क की तरह चलेगा। यह फैसला देश को झकझोर देने वाले इस आतंकी हमले के संदर्भ में एक अहम मोड़ है।

कोर्ट ने नाबालिग की परिपक्वता को माना आधार
भोपाल जिला अदालत ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ केस चलाने के लिए हाई कोर्ट से सलाह मांगी थी। इसी के आधार पर हाई कोर्ट की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। भोपाल कोर्ट ने हाई कोर्ट से यह स्पष्टता मांगी थी कि नाबालिग आरोपी का केस राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत में चलाया जाए या किशोर न्याय बोर्ड में। ट्रायल के दौरान जांच एजेंसी ने बताया था कि जुवेनाइल कोर्ट ने आरोपी की मानसिक और शारीरिक स्थिति का मूल्यांकन करते हुए यह निष्कर्ष निकाला था कि आरोपी वयस्कों की तरह परिपक्व है।

न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की बेंच ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी नाबालिग ज़रूर है, लेकिन उसकी सोच वयस्क जैसी है, इसलिए ट्रायल उसी रूप में चलेगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी की सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट में ही की जानी चाहिए। इस निर्णय में कोर्ट मित्र अनिल खरे और एनआईए के वकील दीपेश जोशी भी उपस्थित थे।

आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराएं
मामले में कोर्ट को बताया गया कि पैसेंजर ट्रेन में हुए बम धमाके के संबंध में एनआईए ने इस नाबालिग किशोर को पकड़ा था। एनआईए ने नाबालिग के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र), 122 (भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करने के इरादे से हथियार आदि जमा करना), 307 (हत्या का प्रयास), 326 (खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट पहुंचाना), 324 (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3/4, रेलवे अधिनियम की धारा 150 (रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना), 151 (रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाना), सार्वजनिक संपत्ति (नुकसान निवारण) अधिनियम की धारा 4, और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 16 (बी) (आतंकवादी कृत्य), 18 (साजिश), 25 (आतंकवादी गतिविधियों से प्राप्त संपत्ति), 38 (आतंकवादी संगठन का सदस्य होना) और 39 (आतंकवादी संगठन को सहायता देना) के तहत केस दर्ज किया था।

2017 का ट्रेन धमाका: एक संक्षिप्त समीक्षा
7 मार्च 2017 को सुबह 6:25 बजे भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन भोपाल से रवाना हुई थी। सुबह 9:38 बजे जबड़ी स्टेशन के पास ट्रेन में एक जोरदार धमाका हुआ, जिसने देश को हिला दिया। इस ब्लास्ट में 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए और 11 अन्य यात्री भी चोटिल हुए। धमाके के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन से कूद गए थे।

धमाके की जांच 14 मार्च 2017 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि इस धमाके के पीछे ISIS से जुड़े आतंकियों का हाथ था, जिन्होंने ट्रेन में बम प्लांट किया था। इस मामले में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।