
सुकमा जिले के कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम डोडपाल में आयोजित सुशासन तिहार शिविर के दौरान किसानों से कथित तौर पर राशि मांगने और अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने की शिकायतों के बाद, कलेक्टर ने पटवारी गोपी कृष्ण कुंवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, शिविर में महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों की सूची समय पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को उपलब्ध न कराने की लापरवाही के लिए एकीकृत बाल विकास परियोजना सुकमा की पर्यवेक्षक सुमन पुरैना को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
पटवारी गोपी कृष्ण कुंवर का निलंबन – आरोप और कार्रवाई
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने बताया कि पटवारी गोपी कृष्ण कुंवर के विरुद्ध सुशासन तिहार शिविर में किसानों से अनुचित राशि मांगने और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने की गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। प्रारंभिक जांच में इन आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। इसके परिणामस्वरूप, कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन मानते हुए पटवारी गोपी कृष्ण कुंवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय सुकमा निर्धारित किया गया है, और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
पर्यवेक्षक सुमन पुरैना को कारण बताओ नोटिस – महतारी वंदन योजना में लापरवाही
एक अन्य कार्रवाई में, कलेक्टर ने एकीकृत बाल विकास परियोजना सुकमा की पर्यवेक्षक सुमन पुरैना को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस डोडपाल शिविर में महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों की सूची समय पर ग्राम की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को उपलब्ध नहीं कराने की लापरवाही के संबंध में जारी किया गया है। सुमन पुरैना को इस संबंध में दो दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। यदि उनका जवाब असंतोषजनक पाया जाता है, तो उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
कलेक्टर का स्पष्ट संदेश – लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि सुशासन तिहार शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सरकारी योजनाओं का त्वरित और प्रभावी लाभ पहुंचाना है। ऐसे महत्वपूर्ण आयोजनों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या कर्तव्यहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासनिक कार्य प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुशासन तिहार – उद्देश्य और महत्व
सुशासन तिहार शिविर छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक आसानी से पहुंचाना है। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान करते हैं और उन्हें योजनाओं की जानकारी प्रदान करते हैं। कलेक्टर की यह कार्रवाई ऐसे शिविरों की सफलता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
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यह विस्तृत पुन: लेखन लेख में दी गई सभी महत्वपूर्ण सूचनाओं को समाहित करता है और उन्हें विभिन्न विषयों के अंतर्गत प्रस्तुत करता है।
