
कवर्धा, छत्तीसगढ़: भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए कबीरधाम पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद सतर्क है और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 और संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले भी जिले में चलाए गए विशेष अभियान के तहत 128 संदिग्ध लोगों को पकड़ा जा चुका है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) पुष्पेन्द्र बघेल और उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) कृष्ण कुमार चंद्राकर के नेतृत्व में एक विशेष टीम इस अभियान को चला रही है। इस टीम में कोतवाली प्रभारी और दो अन्य थाना प्रभारी सहित 50 से अधिक पुलिस जवान शामिल हैं।
पुलिस टीम सूचनाओं के आधार पर जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही है। इन छापों में किराए के मकानों, गुड़ फैक्ट्रियों, होटलों, कारखानों, ईंट भट्ठों और अन्य स्थानों पर काम करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिसकर्मी इन लोगों से उनके स्थायी पते और आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच कर रहे हैं। जांच में संदिग्ध पाए जाने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
मंगलवार को डीएसपी कृष्ण कुमार चंद्राकर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शहर के आदर्श नगर, कसाई पारा, अटल आवास, समनापुर गांव, हरिनछपारा गांव समेत कई अलग-अलग स्थानों पर अचानक दबिश दी। इस कार्रवाई में पुलिस ने 6 उत्तर प्रदेश और 3 आसपास के जिलों के संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा। पूछताछ के दौरान इन लोगों के पास अपने पहचान और निवास से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। जिसके बाद पुलिस ने इन सभी 9 संदिग्धों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 128 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया।
एडिशनल एसपी पुष्पेन्द्र बघेल ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया, “कबीरधाम जिले में बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों की रोकथाम के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। इस टीम ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए आज 9 और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले भी कबीरधाम पुलिस 128 ऐसे लोगों की पहचान कर चुकी है। यह सुरक्षा अभियान आगे भी जारी रहेगा और जिले में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
पुलिस अधीक्षक ने कबीरधाम जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई भी व्यक्ति संदिग्ध लगे तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने जिले के सभी मकान मालिकों से विशेष रूप से आग्रह किया है कि वे अपने किराएदारों की पूरी जानकारी स्थानीय पुलिस थाने में अवश्य दर्ज कराएं और ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से उनका पुलिस सत्यापन जरूर करवाएं। यह कदम जिले की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में सहायक होगा।
