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भोपाल: मध्य प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई विवादित टिप्पणी ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए मंत्री विजय शाह के तत्काल इस्तीफे की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में विजय शाह के बयान को “घृणित और राष्ट्र-विरोधी” बताते हुए कहा कि यह न केवल एक गंभीर अपराध है, बल्कि भारतीय सेना की गरिमा, देश की एकता और सामाजिक सद्भाव पर भी सीधा हमला है।

पटवारी ने विजय शाह के बयान को उनकी “संकीर्ण मानसिकता, सांप्रदायिक विद्वेष और गैर-जिम्मेदाराना रवैये” का प्रतीक बताया और कहा कि यह उन्हें एक जनप्रतिनिधि, खासकर मंत्री के पद के लिए पूरी तरह से अयोग्य साबित करता है। उन्होंने कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी ने अपनी वीरता और देशभक्ति से देश का मान बढ़ाया है और उन पर हमला उनकी व्यक्तिगत गरिमा और भारतीय सेना का अपमान है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की “सोची-समझी निष्क्रियता” और बयान का “मौन समर्थन” इस अपराध को और गंभीर बना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भारतीय सेना के सम्मान और प्रदेश की जनता की भावनाओं के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदार है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें:

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. मंत्री विजय शाह को मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ देशद्रोह सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
  2. मंत्री विजय शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कर्नल सोफिया कुरैशी से सार्वजनिक माफी मांगें।
  3. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बयान के प्रति अपनी स्थिति स्पष्ट करें और इस अपराध के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी लें।
  4. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) इस तरह के बयानों को रोकने के लिए नीतिगत व्यवस्था सुनिश्चित करे और इन्हें गंभीर अपराध की श्रेणी में सूचीबद्ध करे।

जीतू पटवारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि विजय शाह को मंत्रिमंडल से बर्खास्त नहीं किया जाता है, तो मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सड़कों पर उतरकर भारतीय सेना के सम्मान और देश की एकता की रक्षा के लिए जनता की आवाज उठाएगी और इस असहमति के आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी राज्य और केंद्र सरकार की होगी।

कांग्रेस के इस आक्रामक रुख ने मध्य प्रदेश की राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है। यह देखना होगा कि इस विवाद पर सरकार और भाजपा क्या प्रतिक्रिया देती हैं और कांग्रेस अपने आंदोलन की चेतावनी को किस हद तक अमल में लाती है।

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