
भोपाल: मध्य प्रदेश में सक्रिय पांच विभिन्न मौसमी प्रणालियों के एक साथ आने से प्रदेश भर में प्री-मानसून की गतिविधियां चरम पर हैं। सोमवार को प्रदेश के लगभग 30 जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे कई स्थानों पर सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। राजधानी भोपाल में भी मौसम का रौद्र रूप देखने को मिला, जहाँ शाम के समय 57 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से आंधी चली। शहर के अरेरा हिल्स क्षेत्र में 0.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते दिन के तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई।
मौसम विभाग ने भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के लिए आज शाम को भी इसी तरह के मौसम का अलर्ट जारी किया है, जिससे नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सोमवार की शाम को अचानक बदले मौसम ने भोपालवासियों को हक्का-बक्का कर दिया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे यातायात बाधित हुआ और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। ओलावृष्टि के कारण फसलों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें आ रही हैं, हालांकि अभी तक नुकसान का विस्तृत आकलन नहीं किया जा सका है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में मध्य प्रदेश में पांच अलग-अलग मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इनमें एक ऊपरी हवा का चक्रवात, एक ट्रफ रेखा और अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाएं शामिल हैं। इन प्रणालियों के মিলিত प्रभाव के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो रही है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। भोपाल के अलावा इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और सागर संभाग के जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को अपनी फसलों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए आवश्यक उपाय करने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन भी मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए सतर्क हो गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। नगर निगम के कर्मचारियों को सड़कों से गिरे हुए पेड़ और बिजली के खंभों को हटाने के लिए निर्देशित किया गया है, ताकि यातायात को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।
प्री-मानसून की इस सक्रियता ने प्रदेश में गर्मी से राहत तो दिलाई है, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने कई स्थानों पर मुश्किलें भी खड़ी कर दी हैं। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर नागरिकों को मौसम की जानकारी उपलब्ध करा रहा है।
