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रिपोर्टर: रंजन कुमार

Sheikhpura : प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में बिहार के शेखपुरा जिले ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिले में पहली बार सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वाले पीड़ितों के कैशलेस इलाज के लिए एक अनूठी पहल की गई है। इसके तहत eDAR Victim ID को TMS ID से सफलतापूर्वक लिंक करके इलाज के लिए आधिकारिक प्री-अप्रूवल (Pre-approval) प्राप्त कर लिया गया है। यह उपलब्धि न केवल शेखपुरा के लिए गौरवपूर्ण है, बल्कि पूरे राज्य के सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक राहत भरी खबर है।

क्या है पूरा मामला?

Sheikhpura जिला परिवहन पदाधिकारी बेबी कुमारी से मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में मुरारपुर मोड़ के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई थी। इस दुर्घटना में धनंजय कुमार, शिवम मांझी और सचिन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। घायलों को तुरंत शेखपुरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें शुरुआती चिकित्सा दी गई। इसके बाद योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रशासनिक और तकनीकी टीमों ने युद्ध स्तर पर काम शुरू किया।

त्वरित कार्रवाई और तकनीकी सहयोग

Sheikhpura घटना की गंभीरता को देखते हुए निम्नलिखित अधिकारियों ने मिलकर इस प्रक्रिया को पूरा किया:

  • स्थल निरीक्षण: DRM NIC मंटू कुमार और टाउन थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने तुरंत घटनास्थल का निरीक्षण कर Accident ID तैयार की।
  • पोर्टल पर डेटा एंट्री: घायलों का विवरण पोर्टल पर दर्ज कर उनकी eDAR Victim ID जनरेट की गई।
  • लिंकिंग प्रक्रिया: नियमों के अनुसार eDAR Victim ID को TMS ID से जोड़कर इलाज का प्री-अप्रूवल सुनिश्चित किया गया।

इस पूरी प्रक्रिया में जिला परिवहन पदाधिकारी बेबी कुमारी, DRM NIC मंटू कुमार, पुलिस प्रशासन और आयुष्मान भारत के DPC (जिला कार्यक्रम समन्वयक) की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। सभी विभागों के आपसी तालमेल के कारण ही यह जटिल तकनीकी प्रक्रिया कम समय में पूरी हो सकी।

भविष्य के लिए बनी मिसाल

Sheikhpura प्रधानमंत्री राहत योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर और मुफ्त (कैशलेस) चिकित्सा सुविधा मुहैया कराना है, ताकि पैसों की कमी के कारण किसी की जान खतरे में न पड़े। शेखपुरा जिला प्रशासन की यह सक्रियता और संवेदनशीलता यह साबित करती है कि तकनीक और बेहतर समन्वय से आम जनता की जिंदगी को आसान बनाया जा सकता है। यह मॉडल अब बिहार के अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणास्त्रोत बन गया है।

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