Delhi Air Pollution GRAP-2:राजधानी दिल्ली और एनसीआर (NCR) में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्ली के कई हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है और दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर वाहनों की कड़ी जांच शुरू कर दी गई है।
दिल्ली के इन इलाकों में हवा सबसे ज्यादा जहरीली
Delhi Air Pollution GRAP-2:प्रदूषण के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI 331 दर्ज किया गया है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। कुछ इलाकों में हालात और भी ज्यादा खराब हैं:
- जहांगीरपुरी: यहां AQI सबसे ज्यादा 499 तक पहुंच गया है।
- रोहिणी: AQI 431 दर्ज किया गया।
- बवाना: AQI 408 रिकॉर्ड हुआ।
- नरेला: AQI 406 पर पहुंच गया।
- DTU (दिल्ली): AQI 403 दर्ज किया गया।
- आनंद विहार: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार यहाँ AQI 278 (‘खराब’ श्रेणी) रहा।
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर गाड़ियों की कड़ी चेकिंग
Delhi Air Pollution GRAP-2:बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली और नोएडा के बीच आवाजाही पर सख्ती बढ़ा दी गई है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा बॉर्डर पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है:
- BS-4 से नीचे की गाड़ियां प्रतिबंधित: दिल्ली में BS-4 मानक से पुराने वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
- PUC सर्टिफिकेट की जांच: हर गाड़ी का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) अनिवार्य रूप से चेक किया जा रहा है।
- बिना वैध दस्तावेजों और मानकों के किसी भी वाहन को राजधानी में घुसने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
एनसीआर में लागू हुआ GRAP-2, तेजी से गिरा हवा का स्तर
Delhi Air Pollution GRAP-2:वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने हवा की खराब होती स्थिति को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में GRAP-2 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का दूसरा चरण) लागू कर दिया है।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में हवा तेजी से जहरीली हुई है:
- 31 अक्टूबर 2026: AQI 117 दर्ज किया गया था।
- 1 नवंबर 2026: AQI बढ़कर 261 पर पहुंच गया।
- 2 नवंबर 2026: AQI और छलांग लगाकर 324 तक पहुंच गया।
मौसम विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही बनी रहने की आशंका है।
क्या है GRAP और यह कैसे काम करता है?
GRAP (Graded Response Action Plan) आपातकालीन उपायों का एक ऐसा सेट है, जिसे सर्दियों के मौसम में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए लागू किया जाता है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के खराब होने पर इसे गंभीरता के आधार पर कुल चार चरणों (Stages) में विभाजित किया गया है, ताकि समय रहते प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सके।

