रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Raipur : कमिश्नरेट पुलिस द्वारा शहर के एक डेंटल साइंसेस संस्थान में छात्रों के लिए विशेष एंटी रैगिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक परिसरों को पूरी तरह से सुरक्षित और रैगिंग मुक्त बनाना है। कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले और डीसीपी नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप ने शिरकत करते हुए विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
रैगिंग के दुष्परिणाम और कानूनी प्रावधानों की जानकारी
Raipur कार्यक्रम के दौरान डीसीपी दीपमाला कश्यप ने प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से छात्रों को रैगिंग के विभिन्न रूपों और इसके गंभीर परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने कॉलेज परिसर में आपसी सौहार्द, अनुशासन और सम्मानजनक व्यवहार बनाए रखने पर जोर दिया। वहीं, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले ने रैगिंग से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों और सजा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने छात्रों से अपील की कि यदि ऐसी कोई भी घटना सामने आती है, तो तुरंत कॉलेज प्रबंधन या पुलिस को इसकी सूचना दें।
महिला सुरक्षा, पिंक पेट्रोलिंग और नशा मुक्ति का संदेश
Raipur कार्यशाला में छात्राओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने ‘पिंक पेट्रोलिंग’ और अन्य सुरक्षा उपायों की जानकारी साझा की। अधिकारियों ने छात्राओं को आश्वस्त किया कि किसी भी प्रकार की असुरक्षा महसूस होने पर वे बिना किसी संकोच के पुलिस सहायता ले सकती हैं। इसके साथ ही, युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करते हुए उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।
साइबर ठगी से बचाव और ऑनलाइन सुरक्षा के टिप्स
Raipur बदलते दौर में विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र रखा गया। पुलिस ने फर्जी लिंक, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और डिजिटल पेमेंट फ्रॉड से सतर्क रहने की सलाह दी। छात्रों को समझाया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराने के बारे में भी जागरूक किया गया।

