NSG Commando Mock Drill Mahakal Temple:देश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में शुमार उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया है। गुरुवार और शुक्रवार की दरमयानी रात मुंबई से आई राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की टीम ने मंदिर परिसर में एक बड़ा सुरक्षा अभ्यास (मॉक ड्रिल) किया। इस गोपनीय और उच्चस्तरीय अभियान का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों की तत्परता और आपसी समन्वय को परखना था।
रात 12 बजे से शुरू हुआ कमांडोज का एक्शन
NSG Commando Mock Drill Mahakal Temple:एनएसजी के लगभग 100 कमांडोज ने बुलेटप्रूफ वाहनों के साथ रात 12:00 बजे से 2:00 बजे के बीच इस मॉक ड्रिल को अंजाम दिया। यह अभ्यास ‘श्री महाकाल महालोक’ के नंदी द्वार से शुरू होकर मानसरोवर क्षेत्र तक चलाया गया। इस दौरान एनएसजी के साथ स्थानीय पुलिस, प्रशासन और मंदिर प्रबंध समिति के अधिकारी भी मौजूद रहे।
अभ्यास के दौरान कमांडोज ने सामरिक कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। रात करीब 12:30 बजे काले परिधानों में लैस हथियारबंद जवानों ने एक्शन मोड में आगे बढ़ना शुरू किया। अंधेरे के बीच भी जवानों का मूवमेंट और निशाना अचूक रहा। मॉक ड्रिल के तहत मंदिर परिसर में छिपे डमी संदिग्धों को ढूंढकर मार गिराया गया, भगदड़ या आपात स्थिति में फंसे डमी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया, तथा घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने का पूर्वाभ्यास किया गया।
सुरक्षा को और पुख्ता करना है मुख्य मकसद
NSG Commando Mock Drill Mahakal Temple:उज्जैन के एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि महाकाल मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक है। किसी भी अप्रिय या आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए यह एडवांस मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी। इससे पहले भी 26 सितंबर 2023 को मंदिर परिसर में इस तरह का सुरक्षा अभ्यास किया जा चुका है।
इस पूरी मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना, सुरक्षा प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता का आकलन करना और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते नाकाम करने की तैयारी को पुख्ता करना है।

