Rahul Gandhi Vietnam Trip Controversy:देशभर में चल रहे विभिन्न राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों और प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चार दिवसीय वियतनाम यात्रा ने भारतीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस दौरे को लेकर कांग्रेस सांसद पर तीखा हमला बोला है, जबकि कांग्रेस पार्टी ने उनके बचाव में उतरते हुए विपक्षी नेता के रूप में उनकी जिम्मेदारियों का हवाला दिया है।
भाजपा का तीखा हमला: ‘छुट्टी मनाने गए हैं या एजेंडा सेट करने?’
Rahul Gandhi Vietnam Trip Controversy:भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के इस विदेश दौरे की कड़ी आलोचना करते हुए सवाल उठाए हैं। बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें कथित तौर पर राहुल गांधी वियतनाम जाने वाली फ्लाइट में नजर आ रहे हैं।
- प्रदीप भंडारी के सवाल: बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या राहुल गांधी वियतनाम छुट्टियां मनाने गए हैं या फिर देश में कथित अराजकता फैलाने वाले अपने सहयोगियों से गुप्त मुलाकात करने गए हैं।
- संबित पात्रा का गंभीर आरोप: भाजपा नेता संबित पात्रा ने तो इस दौरे को लेकर और भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी विदेश में जॉर्ज सोरोस और उनकी संस्था से यह सीखने गए हैं कि भारत में सत्ता परिवर्तन कैसे लाया जाए और देश को कैसे अस्थिर किया जाए। पात्रा के अनुसार, जनता द्वारा नकारे जाने के बाद अब वे बाहरी ताकतों के साथ मिलकर नए राजनीतिक षड्यंत्र रच रहे हैं।
कांग्रेस का पलटवार: ‘प्रधानमंत्री की तरह प्रेस से भागते नहीं हैं राहुल’
Rahul Gandhi Vietnam Trip Controversy:भाजपा के इन तीखे हमलों का जवाब देते हुए कांग्रेस पार्टी ने पूरी ताकत से अपने नेता का बचाव किया है। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने राहुल गांधी की यात्रा को जायज़ ठहराते हुए भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
- जिम्मेदारियों का हवाला: संदीप दीक्षित ने कहा कि क्या देश के अन्य राजनेता या आम लोग इस तरह की विदेश यात्राएं नहीं करते? राहुल गांधी देश के मुख्य विपक्षी नेता हैं और उनकी अपनी कई व्यक्तिगत व राजनीतिक जिम्मेदारियां हैं।
- बौद्धिक संवाद का जिक्र: कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि राहुल गांधी अक्सर विदेशी विश्वविद्यालयों (जैसे येल यूनिवर्सिटी और लंदन के संस्थानों) में जाकर छात्रों और बुद्धिजीवियों से संवाद करते हैं। वे मीडिया के सवालों के खुलकर जवाब देते हैं और प्रेस को इंटरव्यू भी देते हैं—जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली से बिल्कुल अलग है। कांग्रेस ने साफ किया कि इस तरह के दौरों को बेवजह राजनीतिक रंग देना भाजपा की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।

