Samastipur Liquor Smuggling Container Scorpio:बिहार में भले ही पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद शराब तस्कर कानून को चकमा देने के लिए रोज नए और हैरान करने वाले तरीके ढूंढ निकालते हैं। ताजा मामला समस्तीपुर जिले से सामने आया है, जहां तस्करों ने फिल्म स्टाइल में तस्करी का ऐसा नायाब तरीका अपनाया जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। उत्पाद विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस अवैध खेल का पर्दाफाश किया है।
कंटेनर के भीतर तहखाना बनाकर छिपा रखी थी स्कॉर्पियो
Samastipur Liquor Smuggling Container Scorpio:समस्तीपुर में शराब तस्करों ने तस्करी के लिए एक शातिर तरीका निकाला। तस्करों ने एक बड़े कंटेनर के अंदर स्कॉर्पियो गाड़ियों को छिपा रखा था और उन गाड़ियों के अंदर भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब का जखीरा भर रखा था। उत्पाद विभाग की टीम द्वारा की गई इस छापामारी में कुल 2610 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 40 लाख रुपये आंकी गई है।
एनएच-28 पर उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई
Samastipur Liquor Smuggling Container Scorpio:मिली जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग की टीम रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान उजियारपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चांदचौड़ स्थित शंकर चौक के पास एनएच-28 पर एक संदिग्ध कंटेनर को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जब टीम ने कंटेनर के अंदर का जायजा लिया, तो पता चला कि उसके भीतर तहखाने जैसी व्यवस्था बनाकर चार स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी की गई हैं, जिनमें अवैध शराब लदी हुई थी।
वाहनों और कंटेनरों का इस तरह से दुरुपयोग कर शराब की खेप ले जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शराब की यह खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे किस ठिकाने पर पहुंचाया जाना था। विभाग के अधिकारी इस पूरे तस्करी नेटवर्क की गहराई से छानबीन कर रहे हैं।
लाखों की शराब बरामद, सरगनाओं की तलाश जारी
Samastipur Liquor Smuggling Container Scorpio:मद्य निषेध अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने इस सफल कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बरामद की गई विदेशी शराब की कुल मात्रा 2610 लीटर है और इसकी कुल कीमत करीब 40 लाख रुपये है।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद शराब तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस अवैध कारोबार के पीछे कौन-सा संगठित गिरोह काम कर रहा है और इस तस्करी के तार कहां-कहां जुड़े हैं। उत्पाद विभाग और पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आगे की जांच में जुटी हुई है।

