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रिपोर्टर: रंजन कुमार

Sheikhpura : बिहार के शेखपुरा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। विजिलेंस की टीम ने अरियरी प्रखंड के हजरतपुर मड़रो पंचायत में तैनात रोजगार सेवक (PRS) प्रफुल्ल कुमार को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी रोजगार सेवक विकास योजनाओं के भुगतान को आगे बढ़ाने के एवज में 10 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहा था और पिछले 8 महीनों से फाइलों को अटका कर बैठा था। इस कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

10 प्रतिशत कमीशन के लिए 8 महीने से रोका था भुगतान

Sheikhpura मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी सतीश चंद्र माधव ने बताया कि अरियरी प्रखंड की हजरतपुर मड़रो पंचायत में रोंदी मिट्टी भराई और पेवर ब्लॉक निर्माण कार्य के लिए कुल 6 लाख रुपये की सरकारी राशि स्वीकृत की गई थी। इस योजना के भुगतान की राशि को आगे फॉरवर्ड करने और निकासी की प्रक्रिया पूरी करने के एवज में पीआरएस प्रफुल्ल कुमार द्वारा कुल राशि का 10 प्रतिशत यानी 60 हजार रुपये रिश्वत के रूप में मांगे जा रहे थे। शिकायतकर्ता और पंचायत समिति के पति श्रवण चौधरी ने बताया कि लगातार चक्कर कटवाने के बावजूद पिछले 8 महीनों से भुगतान की फाइल को रोके रखा गया था।

फरपर कचरा निस्तारण केंद्र के पास बिछाया गया जाल

Sheikhpura कमीशन की मांग से तंग आकर पीड़ित ने मामले की गुप्त शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में दर्ज कराई थी। ब्यूरो द्वारा शिकायत का सत्यापन कराए जाने के बाद आरोप सही पाए जाने पर एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजना के तहत अरियरी प्रखंड के फरपर स्थित कचरा निस्तारण केंद्र के समीप जाल बिछाया गया। जैसे ही आरोपी पीआरएस प्रफुल्ल कुमार ने पहली किस्त के रूप में 30 हजार रुपये (500-500 के 60 नोट) अपने हाथ में लिए, पहले से मुस्तैद विजिलेंस की टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा।

विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई से भ्रष्ट कर्मियों में खलबली

Sheikhpura रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद विजिलेंस टीम आरोपी रोजगार सेवक को अपने साथ लेकर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने में जुट गई है। इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार में लिप्त अन्य कर्मियों के बीच भी भारी दहशत का माहौल देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में आगे भी इस तरह के सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे ताकि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे।बिहार के शेखपुरा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। विजिलेंस की टीम ने अरियरी प्रखंड के हजरतपुर मड़रो पंचायत में तैनात रोजगार सेवक (PRS) प्रफुल्ल कुमार को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी रोजगार सेवक विकास योजनाओं के भुगतान को आगे बढ़ाने के एवज में 10 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहा था और पिछले 8 महीनों से फाइलों को अटका कर बैठा था। इस कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

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