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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Korba : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मानदेय पर अध्यापन कार्य कर रहे शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और भविष्य की अनिश्चितता को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मानदेय शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने सोमवार को जिला कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने अपना मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ शैक्षणिक सत्र 2026-27 तक लगातार काम करने का अवसर दिए जाने की पुरजोर मांग की है। संघ का कहना है कि लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में सेवाएं दे रहे इन शिक्षकों के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 तक कार्य करने की अनुमति की मांग

Korba मानदेय शिक्षक संघ ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि वे पिछले कई वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें हर साल रोजगार की अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। संघ ने मांग की है कि जिन मानदेय शिक्षकों के स्थान पर नियमित शिक्षकों ने पदभार ग्रहण कर लिया है, उन्हें भी कम से कम आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 तक स्कूलों में काम करने का अवसर प्रदान किया जाए, ताकि वे आर्थिक रूप से अचानक बेसहारा न हों।

नियमित नियुक्तियों के बाद प्रभावित शिक्षकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

Korba ज्ञापन में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि शासन के नियमों के तहत जैसे-जैसे नियमित शिक्षकों की नियुक्तियां हो रही हैं, वैसे-वैसे मानदेय पर कार्यरत पुराने शिक्षकों के पद समाप्त हो रहे हैं। संघ ने मांग की है कि नियमित बहाली के कारण जिन मानदेय शिक्षकों की सेवाएं समाप्त हो रही हैं, उनके लिए प्रशासन को कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए ताकि उन्हें अन्य माध्यमों से रोजगार मिल सके और उनकी योग्यता का सदुपयोग जारी रहे।

आजीविका सुरक्षा की गुहार और प्रशासन के रुख पर नजर

Korba संघ के प्रतिनिधियों ने अपील की है कि पिछले शिक्षा सत्र की भांति वर्तमान सत्र में भी शिक्षकों को निरंतर काम करने की छूट दी जाए, जिससे उनकी आजीविका और परिवारों का गुजारा सुचारू रूप से चलता रहे। अचानक रोजगार छिनने से शिक्षकों के सामने कई तरह की पारिवारिक और मानसिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के आगामी निर्णयों पर टिकी हैं कि वे इन शिक्षकों की मांगों पर क्या सकारात्मक कदम उठाते हैं।

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