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रिपोर्टर: अनुराग शुक्‍ला

Indore : करीब 66 करोड़ रुपये के बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है। जांच एजेंसी ने ‘रुचि ग्लोबल लिमिटेड’ (वर्तमान में एग्रो ट्रेड एंटरप्राइजेज लिमिटेड) और उससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ विशेष PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम) अदालत में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (आरोप पत्र) दाखिल कर दिया है। इस मामले में कोर्ट ने 21 आरोपियों और कंपनियों को प्री-कॉग्निजेंस सुनवाई के लिए समन/नोटिस जारी किए हैं।

CBI की प्राथमिकी के आधार पर ED ने शुरू की मनी लॉन्ड्रिंग जांच

Indore यह पूरा मामला बैंकों से लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) सुविधा के दुरुपयोग से जुड़ा है। सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज प्राथमिकी को आधार बनाते हुए ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। आरोप है कि कृषि उत्पादों की आड़ में फर्जी और मनगढ़ंत दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंकों से करोड़ों रुपये की एलसी डिस्काउंट कराई गई और फिर उस रकम को विभिन्न बैंक खातों में घुमाकर वापस कंपनी से जुड़े खातों में पहुंचा दिया गया।

इंदौर और मुंबई के ठिकानों पर छापेमारी में नकदी और बैंक खाते फ्रीज

Indore मामले की तह तक पहुंचने के लिए ईडी ने 23 दिसंबर 2025 को इंदौर और मुंबई स्थित कई व्यावसायिक व आवासीय परिसरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने 23.50 लाख रुपये से अधिक की अघोषित नकदी जब्त की थी, जबकि 20 लाख रुपये से अधिक की बैंक राशि को तुरंत प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया था।

5.13 करोड़ की संपत्तियां अटैच, अब कोर्ट में होगी अगली सुनवाई

Indore वित्तीय अनियमितताओं की गहन जांच करते हुए ईडी ने फरवरी 2026 में आरोपी संस्था से जुड़ी लगभग 5.13 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थाई रूप से अटैच (जब्त) कर लिया था। अब विशेष PMLA अदालत में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल होने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।

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