Aastha Kunj Park gangrape case:दिल्ली के चर्चित आस्था कुंज पार्क गैंगरेप मामले में पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार को तिहाड़ जेल में आयोजित शिनाख्त परेड (TIP) के दौरान पीड़िता ने सभी तीनों आरोपियों की पहचान कर ली है। न्यायिक हिरासत में बंद इन आरोपियों के खिलाफ यह कानूनी प्रक्रिया बेहद अहम मानी जा रही है।
तिहाड़ जेल में हुई पहचान परेड (TIP)
Aastha Kunj Park gangrape case:बुधवार को दिल्ली पुलिस पीड़िता को तिहाड़ जेल लेकर पहुंची, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच आरोपियों की पहचान परेड कराई गई। इस दौरान पीड़िता ने बेझिझक तीनों आरोपियों की शिनाख्त कर ली। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक मजबूत कानूनी साक्ष्य साबित होगी।
पार्क में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
Aastha Kunj Park gangrape case:इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस एक्शन मोड में आ गए हैं। आस्था कुंज पार्क के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
- पार्क परिसर में दिल्ली पुलिस के साथ-साथ आईटीबीपी (ITBP) के जवानों को तैनात किया गया है।
- सुरक्षाबल पार्क के भीतर लगातार गश्त (पेट्रोलिंग) कर रहे हैं।
- पार्क के भीतर मौजूद सभी ‘डार्क स्पॉट्स’ (अंधेरे वाले स्थान) को चिह्नित कर वहां विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है।
एलजी और पुलिस अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक
Aastha Kunj Park gangrape case:मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें महिला सुरक्षा को लेकर गहन मंथन किया गया। इसके अलावा, उपराज्यपाल (LG) और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच भी महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें राजधानी के सभी पार्कों और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा की समीक्षा की गई।
क्या था पूरा मामला?
Aastha Kunj Park gangrape case:यह घटना तब सामने आई जब पीड़िता अपने एक दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर में दर्शन करने के बाद शाम करीब 7:30 बजे आस्था कुंज पार्क गई थी। वहां 25 से 30 वर्ष की आयु के तीन युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।
इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के दोस्त को बंधक बना लिया और पीड़िता के साथ मिलकर बारी-बारी से इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आसिफ को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जबकि अन्य दो आरोपियों को भी जल्द ही दबोच लिया गया। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और अन्य पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।

