Sub Inspector Exam Paper Leak:बिहार के गया में आयोजित पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) भर्ती परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की विशेष जांच टीम (SIT) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गया कॉलेज में तैनात एक कंप्यूटर टीचर को गिरफ्तार किया है, जिस पर परीक्षा शुरू होने के तुरंत बाद प्रश्नपत्र की तस्वीर खींचकर सॉल्वर गैंग को भेजने का गंभीर आरोप है।
एक लाख रुपये में तय हुआ था सौदा
Sub Inspector Exam Paper Leak:पुलिस जांच के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए कंप्यूटर शिक्षक की पहचान वीरेंद्र कुमार के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वीरेंद्र ने सॉल्वर गैंग के साथ एक लाख रुपये में पेपर लीक करने का सौदा किया था और इसके एवज में उसे पहली किश्त का भुगतान भी मिल चुका था। आरोपी शिक्षक साल 2025 से गया कॉलेज में अनुबंध (कांट्रैक्ट) पर अपनी सेवाएं दे रहा था।
CCTV फुटेज और तकनीकी सर्विलांस से हुआ खुलासा
Sub Inspector Exam Paper Leak:यह पूरा मामला गया जिले के रामपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा पिछले महीने 27 मई को दारोगा मुख्य लिखित परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से नकल कराने के मामलों के बाद जांच आर्थिक अपराध इकाई की SIT को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए प्रश्नपत्र की डिजिटल ट्रैकिंग की गई। SIT ने गया कॉलेज के परीक्षा केंद्र के सभी CCTV फुटेजों की बारीकी से जांच की। तकनीकी साक्ष्यों और आयोग से मिले दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ कि जो प्रश्नपत्र वायरल हुआ था, वह गया कॉलेज के कक्ष संख्या 49 से जुड़ा था, जहां एक अभ्यर्थी अनुपस्थित था।
परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट बाद किया गया खेल
Sub Inspector Exam Paper Leak:पुलिस के अनुसार, 27 मई को दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई थी। परीक्षा शुरू होने के महज 10 मिनट के भीतर ही वीरेंद्र कुमार ने ड्यूटी पर तैनात एक बायोमेट्रिक कर्मचारी की मिलीभगत से प्रश्नपत्र की तस्वीरें खिंचवाईं और उन्हें तुरंत सॉल्वर गैंग तक पहुंचा दिया।
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी शिक्षक साल 2021 से ऑनलाइन परीक्षाएं कराने वाली कंपनी ‘BYTES Softech Pvt. Ltd.’ से भी जुड़ा हुआ था। पुलिस अब उसके डिजिटल उपकरणों और कॉल डिटेल्स की मदद से यह पता लगाने में जुटी है कि क्या उसने पहले भी किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा में इस तरह की गड़बड़ी की थी या नहीं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

