रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Dhamtari : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के कियोस्क सेंटर के जरिए खाताधारकों के साथ हुई करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ है। भखारा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कियोस्क संचालक केशव राम साहू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर करीब 1 करोड़ 75 हजार 717 रुपये की वित्तीय हेराफेरी और गबन करने का गंभीर आरोप है।
पासबुक और FD दस्तावेजों में कलम से फर्जी एंट्री कर देता था धोखा
Dhamtari पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी केशव राम साहू ग्राम कोर्रा में एसबीआई का कियोस्क सेंटर चला रहा था। वह लंबे समय से ग्रामीण खाताधारकों की अज्ञानता का फायदा उठाकर उनके बैंकिंग लेन-देन में धांधली कर रहा था। आरोपी ग्राहकों की बैंक पासबुक में हाथों से पेन द्वारा जमा या निकासी की फर्जी एंट्री दर्ज कर देता था, जबकि बैंक के मुख्य रिकॉर्ड में पैसों का कोई हिसाब नहीं रहता था। इसके अलावा वह फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के दस्तावेजों में भी हेरफेर कर पैसों का गबन कर रहा था।
करीब 10 सालों तक चलता रहा फर्जीवाड़ा, कंपनी मैनेजर की शिकायत पर खुलासा
Dhamtari इस बड़े घोटाला का भंडाफोड़ तब हुआ जब NICT टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के जिला प्रबंधक जुगलकिशोर ने मामले की अनियमितताओं को भांपते हुए भखारा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान यह बात उजागर हुई कि आरोपी संचालक 27 अगस्त 2015 से लेकर 29 नवंबर 2025 के बीच लगातार ग्राहकों की मेहनत की कमाई में सेंध लगा रहा था।
कियोस्क से लैपटॉप और FD बॉन्ड बरामद, आरोपी भेजा गया जेल
Dhamtari शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने कोर्रा स्थित कियोस्क सेंटर से एक लैपटॉप और 29 खाताधारकों के फर्जी/संदिग्ध एफडी बॉन्ड पेपर जब्त किए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है।
पुलिस प्रशासन और एसपी ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी पासबुक, बैंक रसीद और एफडी की जांच समय-समय पर मुख्य बैंक शाखा से कराते रहें और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें।

