रिपोर्टर: विनय सिंह
Jabalpur : मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने अपनी सेवानिवृत्ति के पावन अवसर पर राष्ट्र और समाज सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश की है। जबलपुर उच्च न्यायालय में आयोजित भावभीने विदाई समारोह के दौरान उन्होंने न केवल अपनी पत्नी के साथ मरणोपरांत देहदान का संकल्प पत्र भरा, बल्कि अपनी जीवनभर की कमाई यानी जीपीएफ (GPF) से मिलने वाली ₹1.01 करोड़ की राशि पीएम केयर्स फंड में दान करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
चिकित्सा अनुसंधान के लिए मरणोपरांत देहदान की घोषणा
Jabalpur अपनी भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए जस्टिस सिंह ने साझा किया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया है कि मृत्यु के पश्चात उनका पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया जाए। इससे मेडिकल के विद्यार्थियों को अध्ययन और चिकित्सा विज्ञान के शोधकार्यों में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही जीपीएफ की पूरी राशि राष्ट्र निर्माण एवं जनकल्याणकारी कार्यों हेतु दान की जाएगी।
36 साल का सेवाकाल और 8,788 मुकदमों का ऐतिहासिक निपटारा
Jabalpur जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने 31 मई 1990 को अपनी न्यायिक यात्रा प्रारंभ की थी। लगभग तीन दशकों से अधिक के समृद्ध अनुभव के बाद 1 मई 2023 को उन्हें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। अपने संपूर्ण कार्यकाल के दौरान उन्होंने असाधारण कार्यकुशलता का परिचय देते हुए कुल 8,788 विधिक मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया।
विदाई समारोह में साथी जजों व वकीलों ने दी भावुक विदाई
Jabalpur विदाई समारोह के अवसर पर बार एसोसिएशन और स्टेट बार काउंसिल के पदाधिकारियों ने उनके न्यायिक विवेक, सरलता और उत्कृष्ट व्यक्तित्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस दौरान माहौल काफी भावुक नजर आया। जस्टिस सिंह ने अपने सभी साथी न्यायाधीशों, प्रशासनिक अमले और अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे को भावी कार्यकाल हेतु शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
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