Koraput river crossing funeral crisis:ओडिशा के कोरापुट जिले से एक बेहद मार्मिक और व्यवस्था की पोल खोलने वाली तस्वीर सामने आई है। लगातार हो रही बारिश और नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीणों को अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए जान जोखिम में डालने को मजबूर होना पड़ रहा है।
क्या है पूरा मामला?
Koraput river crossing funeral crisis:यह गंभीर मामला कोरापुट जिले के नंदपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली राइसिंग पंचायत के देवशण्डगुड़ा गांव का है। इलाके में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते गांव के पास बहने वाली बासुकी नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और उसमें तेज बहाव है।
- बुजुर्ग महिला का निधन: गांव की एक बुजुर्ग महिला पाते खरा के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान यह विकट परिस्थिति सामने आई।
- रस्सी के सहारे नदी पार: गांव से श्मशान घाट तक पहुँचने के लिए रास्ते में कोई पुल नहीं है। मजबूरी में ग्रामीणों को शव को कंधों पर उठाकर उफनती नदी में उतरना पड़ा। नदी के दोनों किनारों पर रस्सी बांधकर लोगों ने तेज बहाव के बीच किसी तरह नदी पार की और तब जाकर श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार संपन्न हो सका।
दो दिन में दूसरी बार सामने आई ऐसी खौफनाक स्थिति
Koraput river crossing funeral crisis:देवशण्डगुड़ा गांव के लोगों के लिए यह कोई पहली बार नहीं है। पिछले दो दिनों के भीतर यह दूसरी ऐसी घटना है, जब किसी शव को श्मशान घाट ले जाने के लिए बासुकी नदी का यह खतरनाक सफर तय करना पड़ा। इससे दो दिन पहले भी गांव के ही एक अन्य व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों को इसी तरह नदी पार करनी पड़ी थी। बार-बार ऐसी स्थिति सामने आने से ग्रामीणों का गुस्सा और लाचारी साफ झलक रही है।
पुल निर्माण की मांग लंबे समय से लंबित
Koraput river crossing funeral crisis:ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से बासुकी नदी पर एक पक्के पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं। यदि यहां पुल बन जाता है, तो बरसात के मौसम में आवागमन और अंतिम संस्कार जैसी जरूरी चीजों के लिए जान जोखिम में डालने की इस मजबूरी से स्थायी राहत मिल सकेगी। फिलहाल ग्रामीण प्रशासन की ओर से सुचारू व्यवस्था और पुल निर्माण शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
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