रिपोर्टर: रंजन कुमार
Sheikhpura : शेखपुरा जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की धरातलीय स्थिति का आकलन करने के लिए एक विस्तृत जांच अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन के इस कड़े कदम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मिलने वाली मूलभूत जन-सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और पारदर्शी कार्यशैली सुनिश्चित करना है।
प्रशासनिक आदेश के तहत बनाई गईं जांच टीमें
Sheikhpura जिला पदाधिकारी (गोपनीय शाखा) शेखपुरा द्वारा जारी ज्ञापांक 925/गो० (दिनांक 1 सितंबर) के आलोक में जिले के सभी प्रखंडों के लिए उच्च स्तरीय जांच टीमों का गठन किया गया। साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान तय की गई कार्ययोजना के तहत जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को अलग-अलग पंचायतों में निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
आंगनबाड़ी, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों की पारदर्शी पड़ताल
Sheikhpura अभियान के तहत अधिकारियों की टीमों ने प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अचानक पहुंचकर स्थिति का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) के तहत दिए जाने वाले पोषण आहार, स्कूलों में मिड-डे मील (MDM) की गुणवत्ता, स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं की उपस्थिति रजिस्टर की भी कड़ाई से जांच हुई।
दो दिवसीय अभियान की रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपी गई
Sheikhpura यह विशेष जांच अभियान 2 सितंबर और 3 सितंबर को पूरे जिले में एक साथ संचालित किया गया। निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं, कमियों और सकारात्मक पहलुओं को शामिल करते हुए सभी जांच अधिकारियों ने 3 सितंबर की अपराह्न तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला मुख्यालय को सौंप दी। प्रशासन का कहना है कि इस रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे और लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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