शेखपुरा: जिले में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आम जनमानस को मिलने वाली मूलभूत सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इसी कड़ी में जिलेभर में एक व्यापक प्रशासनिक जांच अभियान चलाया गया।
आदेश और निर्देश
जिला पदाधिकारी की गोपनीय शाखा द्वारा जारी आदेश (ज्ञापांक 925/गो०, 1 सितंबर) के तहत जिले के सभी प्रखंडों में जांच के लिए जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों की अलग-अलग विशेष टीमें गठित की गईं।
व्यापक भौतिक निरीक्षण
सोमवार को हुई साप्ताहिकी समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर इन अधिकारियों ने विभिन्न पंचायतों का दौरा किया। टीमों ने प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों की जमीनी हकीकत का बारीकी से जायजा लिया।
पारदर्शी मूल्यांकन
जांच अभियान के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं की पारदर्शी तरीके से जांच की गई:
- समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS) के तहत मिलने वाले पोषण की स्थिति
- मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) की गुणवत्ता
- स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता
- शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं की उपस्थिति
रिपोर्ट प्रस्तुति
यह विशेष जांच अभियान 2 और 3 सितंबर को चलाया गया, जिसकी विस्तृत अंतिम रिपोर्ट 3 सितंबर की अपराह्न तक जिला मुख्यालय को सौंप दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से लापरवाह कर्मियों में हड़कंप मच गया है।
