गंजबासौदा। शहर में कथित रूप से बढ़ रहे नशे के कारोबार और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के विरोध में अब सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने बड़ा कदम उठाया है। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, संतों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने एकजुट होकर विशाल रैली निकाली और नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
रैली की शुरुआत रेलवे स्टेशन से हुई। बड़ी संख्या में लोग हाथों में तख्तियां और नशामुक्ति से जुड़े संदेश लेकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। रैली नेहरू चौक, जयस्तंभ, हनुमान चौक और सिरोंज चौराहे होते हुए निजी गार्डन पहुंची। यहां रैली का समापन किया गया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर नशे के बढ़ते कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।
स्मैक और नशीली दवाओं के कारोबार पर रोक की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गंजबासौदा शहर और आसपास के इलाकों में स्मैक, नशीली गोलियां, इंजेक्शन, चरस और गांजा जैसे मादक पदार्थों की उपलब्धता चिंता का विषय बनी हुई है। उनका कहना है कि नशे का प्रभाव अब केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा और स्कूली उम्र के बच्चे भी इसकी चपेट में आते जा रहे हैं।
नागरिकों ने दावा किया कि पिछले एक महीने में नशे के अत्यधिक सेवन के कारण तीन युवकों की असमय मौत हो चुकी है। इन घटनाओं का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से नशे के स्रोतों और कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
नशे से बढ़ते अपराध पर जताई चिंता
ज्ञापन में नशे की लत के कारण चोरी, मारपीट और आपसी विवाद जैसी घटनाओं में वृद्धि होने की बात भी कही गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नशे की जरूरत पूरी करने के लिए कुछ युवा अपराध की राह पकड़ रहे हैं, जिसका असर शहर की कानून-व्यवस्था और सामाजिक वातावरण पर पड़ रहा है।
सरकारी नशामुक्ति केंद्र खोलने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ शहर में शासकीय नशामुक्ति केंद्र स्थापित करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को
