रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Lucknow : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान और उनसे जुड़ी संपत्तियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। लखनऊ ज़ोनल कार्यालय की टीमों ने रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली समेत कुल 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट तथा मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में हुए वित्तीय घोटालों और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की गई है।
Lucknow सरकारी फंड के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी का आरोप है कि सरकारी ठेकों के जरिए आवंटित धनराशि को निजी ठेकेदारों के माध्यम से ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों के लिए डाइवर्ट किया गया। वित्तीय रिकॉर्ड्स की जांच में ठेकेदारों द्वारा भारी दान और निर्माण सहयोग के रूप में संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है। ED की टीमें मौके से अपराध की कमाई, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय दस्तावेजों को जब्त करने में जुटी हैं।
Lucknow जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतों और लीगल स्टेटस पर संकट
जौहर यूनिवर्सिटी परिसर लंबे समय से कानूनी प्रक्रियाओं और विवादों के केंद्र में है। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने के दिए गए आदेश पर फिलहाल मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा रखी है। इसके अतिरिक्त, आयकर विभाग द्वारा मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के नियमों के उल्लंघन पर इसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर इसे ‘एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स’ में बदलने का निर्देश भी दिया गया है।
जांच से उजागर हो सकते हैं नए वित्तीय राज
आज़म ख़ान के खिलाफ पूर्व में दर्ज दर्जनों मामलों की सूची के आधार पर ED अपनी जांच का दायरा लगातार बढ़ा रही है। सुबह से शुरू हुई इस व्यापक छापेमारी से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का मानना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के विश्लेषण से आने वाले दिनों में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
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