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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान भारी हिंसा और बवाल देखने को मिला। बुद्धेश्वर इलाके के बादल खेड़ा में अवैध कब्जों को हटाने पहुंची नगर निगम और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम पर स्थानीय लोगों की भीड़ ने उग्र हमला कर दिया। इस दौरान न केवल प्रशासनिक कर्मचारियों पर पथराव किया गया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात एक सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) का गला दबाने का प्रयास भी किया गया।

Lucknow पुलिस टीम पर हमला और लोहे की जंजीर से वार

अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू होते ही स्थानीय निवासियों और पुलिस बलों के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। उपद्रवियों ने प्रशासनिक अमले पर अचानक पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में कई पुलिसकर्मी और नगर निगम के कर्मचारी घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों व एफआईआर के अनुसार, उपद्रवियों ने हमला करने के लिए लोहे की भारी जंजीरों का भी इस्तेमाल किया, जिसे पुलिस ने मौके से सबूत के तौर पर जब्त कर लिया है।

Lucknow हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज, 6 आरोपी गिरफ्तार

घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और नगर निगम की लिखित शिकायत के आधार पर 15 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने धाराएं जोड़ते हुए हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा डालने, बलवा, मारपीट और आपराधिक धमकी देने का मामला दर्ज किया है। पारा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।

अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रहेगा प्रशासन का रुख

डीसीपी (पश्चिम) कमलेश दीक्षित ने घटना की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्तियों और आम रास्तों से अवैध डेयरी तथा अतिक्रमण हटाने का अभियान पूरी कड़ाई के साथ जारी रहेगा। सरकारी काम में अड़चन डालने और पुलिस बल पर हमला करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी कीमत पर अवैध कब्जों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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