रिपोर्टर: ऋषभ कुमार
Nawada : जिले में बिना मान्यता और कागजातों के धड़ल्ले से चल रहे अवैध निजी अस्पतालों व क्लीनिकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी रवि प्रकाश और पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के दिशा-निर्देश पर चली इस छापेमारी से शहर के निजी स्वास्थ्य संचालकों में हड़कंप मच गया।
Nawada संयुक्त टीम की रेड से संचालकों में मचा हड़कंप
सदर एसडीएम अमित अनुराग और सदर एसडीपीओ हुलास कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के जेल रोड तथा हरिश्चंद्र स्टेडियम रोड पर अचानक छापेमारी की। टीम में सिविल सर्जन, सदर बीडीओ और नगर थाना पुलिस भी मौजूद थी। प्रशासनिक टीम की भनक लगते ही कई क्लीनिकों के फर्जी संचालक ताला लटकाकर मौके से रफूचक्कर हो गए।
2 नर्सिंग होम सील, फर्जीवाड़े का हुआ भंडाफोड़
जांच के दौरान आधा दर्जन से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों को खंगाला गया, जिनमें से भारी अनियमितता पाए जाने पर दो नर्सिंग होम को तुरंत सील कर दिया गया। मौके से 3 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए:
- क्लीनिकों के पास वैध लाइसेंस और जरूरी कागजात का अभाव था।
- बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट के धड़ल्ले से दवाओं की बिक्री की जा रही थी।
- आपातकालीन और बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं का पूरी तरह से अकाल था।
दलालों के जाल से छुड़ाकर सदर अस्पताल भेजे गए मरीज
जांच में यह बेहद गंभीर बात सामने आई कि सदर अस्पताल से सीधे-साधे मरीजों को बहला-फुसलाकर इन अवैध नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहाँ उनसे इलाज के नाम पर 20 से 30 हजार रुपये तक ऐंठे जा रहे थे। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन मरीजों को सुरक्षित नवादा सदर अस्पताल में शिफ्ट कराया, जहाँ उनका आधिकारिक इलाज शुरू कर दिया गया है।
“बिना लाइसेंस और मानकों का उल्लंघन कर मरीजों की जान से खेलने वाले किसी भी संचालक को बख्शा नहीं जाएगा। अवैध क्लीनिकों के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।”
— प्रशासनिक अधिकारी, नवादा
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