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रिपोर्टर: नेहा गुप्‍ता

Arrah : बिहार के आरा शहर में नगर निगम की कार्यशैली से नाराज लोगों का गुस्सा उस समय देखने को मिला, जब नगर निगम द्वारा एक विशेष सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। नागरी प्रचारिणी सभागार में आयोजित इस शिविर में वार्ड नंबर 23 से 45 तक के स्थानीय निवासियों की जनसमस्याएं सुनी गईं और उनके आवेदन स्वीकार किए गए।

Arrah महापौर और नगर आयुक्त की मौजूदगी में दर्ज हुईं शिकायतें

आयोजित सहयोग शिविर में आरा की महापौर इंदु देवी और नगर आयुक्त अंजू कुमारी खुद मौजूद रहीं। अधिकारियों ने नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं से जुड़े ज्ञापन स्वीकार किए। प्रशासन का उद्देश्य शहरवासियों को एक ही छत के नीचे अपनी शिकायतें दर्ज कराने का अवसर देना था, ताकि संबंधित विभागों के समन्वय से उनका त्वरित समाधान किया जा सके।

Arrah जलजमाव और नाला निर्माण से जुड़ी शिकायतों की रही भरमार

शिविर में पहुँचे नागरिकों में सबसे अधिक आक्रोश शहर की जलजमाव की समस्या को लेकर देखा गया। अधिकांश आवेदनों में बदहाल नालियों, जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने और बारिश के बाद मोहल्लों में पानी भरने के मुद्दों को उठाया गया। लोगों का कहना था कि नाले का पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे संक्रमण और हादसों का खतरा बना रहता है।

Arrah “कागजों में सीमित हैं शिविर, धरातल पर शून्य है विकास”—जनता का आरोप

शिविर में पहुँचे कई स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के इस प्रयास पर ही सवाल खड़े कर दिए। लोगों का आरोप है कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नल-जल योजना’ शहर के अधिकांश हिस्सों में पूरी तरह ठप पड़ी है। पानी की किल्लत और जलजमाव से त्रस्त लोगों ने खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि ‘जब बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती, तो ऐसे औपचारिकता वाले शिविरों के आयोजन का क्या फायदा?’ नागरिकों ने मांग की है कि सिर्फ आवेदन जमा करने के बजाय समस्याओं का स्थायी और त्वरित समाधान किया जाए।

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