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रिपोर्टर: गौतम तिवारी

Delhi Tihar Se Brand Online Shopping : दिल्ली की तिहाड़ जेल के कैदियों के हुनर को अब डिजिटल दुनिया का बड़ा मंच मिलने जा रहा है। जेल प्रशासन ने कैदियों द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों को एक नई कॉर्पोरेट पहचान देने का फैसला किया है। अब तक जो सामान ‘टीजेज’ (TJ’s) ब्रांड के नाम से बिकते थे, उन्हें अब बेहद आकर्षक और देसी नाम ‘तिहाड़ से’ दिया गया है। इसके साथ ही, इन सामानों की पहुंच देश के कोने-कनों तक सुनिश्चित करने के लिए इन्हें प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर लिस्ट करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

Delhi Tihar Se Brand Online Shopping डिजिटल बाजार से सीधे आपके दरवाजे तक पहुंचेगा सामान

इस नई पहल के बाद अब देश का कोई भी नागरिक घर बैठे ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स जैसे कि अमेज़न (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) के जरिए तिहाड़ जेल में बने प्रॉडक्ट्स ऑर्डर कर सकेगा। कैदियों द्वारा तैयार शुद्ध सरसों का तेल, स्वादिष्ट बेकरी आइटम्स, मसाले, कपड़े और उच्च गुणवत्ता वाले फर्नीचर अब महज एक क्लिक पर उपलब्ध होंगे। जेल प्रशासन के मुताबिक, पुराना नाम थोड़ा तकनीकी लगता था, जबकि ‘तिहाड़ से’ नाम ग्राहकों के साथ एक सीधा और भावनात्मक जुड़ाव पैदा करेगा।

Delhi Tihar Se Brand Online Shopping टर्नओवर दोगुना होने की उम्मीद, कैदियों को मिलेगा बड़ा फायदा

वर्तमान में तिहाड़ जेल की फैक्ट्रियों का सालाना टर्नओवर लगभग 30 से 35 करोड़ रुपये है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर आने के बाद इसके अगले कुछ वर्षों में दोगुना होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस डिजिटल विस्तार का सबसे बड़ा लाभ जेल में बंद कैदियों को मिलेगा। बिक्री से होने वाले मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा सीधे कैदियों के पारिश्रमिक (वेतन) को बढ़ाने और ‘कैदी कल्याण कोष’ (Prisoners Welfare Fund) में इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे उनके पुनर्वास में मदद मिलेगी।

Delhi Tihar Se Brand Online Shopping तिहाड़ की जेलों में तैयार होता है माहेश्वरी साड़ी से लेकर कंबल तक

तिहाड़ में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत साल 1960 में कागज निर्माण इकाई के साथ हुई थी, जो आज बढ़कर 35 फैक्ट्रियों का रूप ले चुकी है। दिल्ली की अलग-अलग जेलों में कैदियों के हुनर का इस्तेमाल इस तरह किया जा रहा है:

  • जेल संख्या 2: यहाँ कारपेंट्री और प्रसिद्ध बेकरी यूनिट है, जहाँ घरेलू व दफ्तरों के लिए शानदार फर्नीचर बनते हैं।
  • जेल संख्या 4, 8 और 9: यहाँ क्रमशः कागज, जूट के बैग और सर्दियों के लिए कंबल तैयार किए जाते हैं।
  • जेल संख्या 1: यहाँ हाल ही में हथकरघा इकाई लगाई गई है, जिसमें मशहूर ‘माहेश्वरी साड़ियों’ का निर्माण भी किया जा रहा है।

बता दें कि ऑनलाइन बाजार के अलावा दिल्ली के सभी जिला न्यायालयों, हाई कोर्ट और पूसा परिसर में इस ब्रांड के ऑफलाइन आउटलेट्स पहले से ही सफलतापूर्वक चल रहे हैं।

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