PunePune
Spread the love

रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Pune Child Rape Murder Death Sentence : महाराष्ट्र के पुणे जिले से न्याय व्यवस्था की एक बड़ी और ऐतिहासिक नजीर सामने आई है। पुणे की एक विशेष फास्ट-ट्रैक अदालत ने नसरपुर इलाके में महज 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी बेरहमी से हत्या करने के मामले में 65 साल के बुजुर्ग आरोपी भीमराव कांबले को मौत की सजा (फांसी) सुनाई है। पॉक्सो (POCSO) कानून के तहत दर्ज इस संवेदनशील मामले में अदालत ने घटना के मात्र 55 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी कर यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।

Pune Child Rape Murder Death Sentence भोर तहसील की घटना: मासूम से बर्बरता करने वाले को कोर्ट ने माना ‘क्रूरतम’

यह दिल दहला देने वाला मामला पुणे की भोर तहसील के अंतर्गत आने वाले नसरपुर का है। 65 साल के भीमराव कांबले ने 4 साल की एक बेगुनाह बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया था और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसकी नृशंस हत्या कर दी थी।

विशेष अदालत ने मामले की गंभीरता और अपराध की बर्बरता को देखते हुए कांबले को पहले ही दोषी करार दे दिया था। सोमवार को सजा के बिंदु पर जिरह पूरी होने के बाद अदालत ने इसे ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ (Rarest of Rare) मामला मानते हुए दोषी के लिए केवल और केवल मृत्युदंड को ही उचित न्याय माना।

Pune Child Rape Murder Death Sentence फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने पेश की मिसाल, 55 दिनों में पूरी हुई कानूनी प्रक्रिया

आमतौर पर गंभीर आपराधिक मामलों में न्याय मिलने में लंबा समय लग जाता है, लेकिन इस मामले में पुणे पुलिस की त्वरित तफ्तीश और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मुस्तैदी की वजह से पीड़ित परिवार को रिकॉर्ड 55 दिनों में इंसाफ मिल सका।

पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने दैनिक आधार पर मामले की सुनवाई की, सभी गवाहों के बयान दर्ज किए और वैज्ञानिक साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को फांसी के फंदे तक पहुंचाया। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के त्वरित फैसलों से समाज में अपराधियों के बीच कानून का खौफ पैदा होगा।

Pune Child Rape Murder Death Sentence इस ऐतिहासिक फैसले पर सामाजिक प्रतिक्रिया और सख्त संदेश

इस फैसले के आते ही स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने अदालत के रुख की सराहना की है। मासूम बच्ची के माता-पिता और परिजनों ने न्याय व्यवस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हालांकि उनकी बच्ची अब वापस नहीं आ सकती, लेकिन इस दरिंदे को फांसी मिलने से उसकी आत्मा को शांति मिलेगी। कोर्ट के इस कड़े फैसले ने एक बार फिर यह साफ संदेश दिया है कि बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों और हिंसा को देश की कानून व्यवस्था किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

ये भी पढ़े: Mumbai Muharram Poison Capsules Arrest: मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुहर्रम के जुलूस में दर्द निवारक बताकर जहर बांटने वाला शख्स गिरफ्तार, भारी मात्रा में कैप्सूल जब्त