रिपोर्टर: ईशु प्रसाद
Tiruppur Illegal Home Delivery Case : तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ इंटरनेट ज्ञान और अंधविश्वास के चलते एक महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी। यहाँ एक युवक ने डॉक्टर बनने की कोशिश में यूट्यूब (YouTube) पर वीडियो देखकर घर पर ही अपनी गर्भवती पत्नी का प्रसव (डिलीवरी) कराने का प्रयास किया। इस गंभीर लापरवाही के कारण प्रसव के दौरान महिला के शरीर से इतना खून बह गया कि डॉक्टर भी उसे नहीं बचा सके। राहत की बात सिर्फ इतनी रही कि नवजात बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति और सास के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
Tiruppur Illegal Home Delivery Case नॉर्मल डिलीवरी की चाहत बनी काल, अस्पताल जाने से किया परहेज
यह दर्दनाक मामला उथुकुली के थलावैपलयम इलाके का है। मृतका की पहचान शशिकला के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, शशिकला का पहला बच्चा सिजेरियन (ऑपरेशन) के जरिए हुआ था। इस दूसरी गर्भावस्था में परिवार चाहता था कि प्रसव ‘नॉर्मल’ तरीके से हो।
इसी चाहत में महिला ने किसी योग्य डॉक्टर या अस्पताल से परामर्श लेने के बजाय अपने पति कार्तिक और सास के साथ मिलकर घर पर ही प्रसव कराने का आत्मघाती फैसला ले लिया। इसके लिए पति कार्तिक ने कई दिनों तक यूट्यूब पर डिलीवरी से जुड़े तमाम वीडियो देखे और खुद को इस काम के लिए तैयार समझा।
Tiruppur Illegal Home Delivery Case प्रसव के दौरान बिगड़ी स्थिति, इलाज में देरी से थमी सांसें
जब शशिकला को प्रसव पीड़ा हुई, तो कार्तिक और उसकी मां ने वीडियो में बताए गए तरीकों के आधार पर प्रक्रिया शुरू कर दी। घर पर ही बच्ची का जन्म तो हो गया, लेकिन इस दौरान गर्भनाल (Umbilical Cord) ठीक से अलग नहीं हो पाई। इसके कारण शशिकला को अत्यधिक रक्तस्राव (हैवी ब्लीडिंग) होने लगा।
हालत बिगड़ती देख घबराए परिजन उसे तुरंत पेरुनदुरई के एक सरकारी अस्पताल ले गए, जहाँ से गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे कोयंबटूर के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद रविवार को शशिकला ने दम तोड़ दिया।
Tiruppur Illegal Home Delivery Case पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, इंटरनेट के खतरों पर उठे सवाल
इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही उथुकुली थाना पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने इस मामले में लापरवाही के कारण हुई मौत के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मृतका की मौत के लिए सीधे तौर पर उसके पति कार्तिक और उसकी सास को जिम्मेदार मानते हुए पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर रही है।
चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए चेतावनी दी है कि यूट्यूब या सोशल मीडिया के वीडियो देखकर गंभीर चिकित्सीय प्रक्रियाएं खुद करने का प्रयास जानलेवा साबित हो सकता है। सुरक्षित प्रसव के लिए हमेशा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य केंद्रों और योग्य डॉक्टरों की मदद लेना अनिवार्य है।

