रिपोर्टर: दिनानाथ मौआर
Aurangabad court anti drug abuse awareness oath : बिहार के औरंगाबाद स्थित विधिक सेवा सदन में मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध व्यापार के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर एक भव्य जागरूकता-सह-शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मनीष कुमार जायसवाल ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी को नशे की भयावह गिरफ्त से बचाना और एक स्वस्थ, नशामुक्त समाज की नींव रखना था।
Aurangabad court anti drug abuse awareness oath “नशा धीरे-धीरे मौत के मुंह में धकेलता है”: प्रभारी जिला जज की गंभीर चेतावनी
समारोह को संबोधित करते हुए प्रभारी प्रधान जिला जज श्री मनीष कुमार जायसवाल ने युवाओं में तेजी से पैर पसारती नशे की लत पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसके वैज्ञानिक और सामाजिक दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा:
- प्रतिरोधक क्षमता का नाश: नशा इंसान के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को पूरी तरह समाप्त कर देता है, जिससे शरीर बीमारियों का घर बन जाता है।
- अवैध कारोबार पर चोट: उन्होंने सख्त लहजे में आगाह किया कि बिना किसी अधिकृत डॉक्टर की पर्ची (Prescription) के नशीली दवाओं की खरीद-बिक्री करना पूरी तरह गैरकानूनी है और ऐसा करने वालों पर कानून का डंडा चलेगा।
- धीमी मौत: नशा कोई शौक नहीं, बल्कि एक ऐसा जाल है जो इंसान को धीरे-धीरे मौत की अंधी खाई की ओर धकेलता है।
Aurangabad court anti drug abuse awareness oath विधिक सेवा सदन में ली गई शपथ के 4 मुख्य संकल्प
इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए चार अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदुओं पर शपथ दिलाई गई:
- भेदभाव का अंत: नशामुक्त होने का प्रयास कर रहे या नशे के आदी व्यक्तियों के साथ सामाजिक भेदभाव और कलंक को पूरी तरह समाप्त करना।
- गंभीर बीमारियों के प्रति सजगता: नशे के (जैसे संक्रमित सुइयों के) इस्तेमाल के कारण तेजी से फैलने वाले एचआईवी (HIV) और हेपेटाइटिस जैसे जानलेवा रोगों के प्रति बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाना।
- स्वैच्छिक पुनर्वास को बढ़ावा: नशा मुक्ति के लिए चलाई जा रही स्वैच्छिक और वैज्ञानिक इलाज सेवाओं व पुनर्वास केंद्रों को समाज में बढ़ावा देना।
- युवा सशक्तिकरण: युवा पीढ़ी को मानसिक और सामाजिक रूप से इतना सशक्त बनाना कि वे खुद को नशे की दुनिया से हमेशा दूर रख सकें।
Aurangabad court anti drug abuse awareness oath न्यायिक जगत की नामचीन हस्तियों की रही गरिमामयी मौजूदगी
इस संकल्प सभा में औरंगाबाद न्यायमंडल के कई वरिष्ठ और गणमान्य अधिकारी एक मंच पर नजर आए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) अरुण कुमार, अपर सत्र न्यायाधीश लक्ष्मीकांत मिश्रा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) लाल बिहारी पासवान, न्यायाधीश अभय सिंह और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के प्रभारी सचिव प्रदीप चंद्रा उपस्थित रहे। इनके साथ ही बड़ी संख्या में पैनल अधिवक्ता, कोर्ट के कर्मचारी और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस नशामुक्त समाज के महासंकल्प का हिस्सा बने।

