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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Haryana : डेटिंग ऐप के जरिए दोस्ती कर लाखों रुपये की ठगी करने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने हरियाणा की एक महिला न्यायिक अधिकारी (जज) से टिंडर (Tinder) ऐप के माध्यम से 52.81 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोपी दीपक वत्स की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को राहत देने से साफ इनकार कर दिया।

Haryana हनी ट्रैप और लाखों की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला

यह पूरा मामला एक हाई-प्रोफाइल डिजिटल ठगी और हनी ट्रैप के आरोपों से जुड़ा हुआ है। आरोपी दीपक वत्स ने खुद को एक रसूखदार व्यक्ति बताकर डेटिंग ऐप टिंडर पर हरियाणा की एक महिला जज से दोस्ती की। धीरे-धीरे विश्वास में लेने के बाद आरोपी ने अलग-अलग बहानों से पीड़िता से कुल 52.81 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था।

Haryana कोर्ट ने जांच एजेंसी की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए अदालत ने केवल आरोपी के आचरण की ही निंदा नहीं की, बल्कि मामले की जांच कर रही एजेंसी को भी कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने टिप्पणी की कि केस का रिकॉर्ड कई महत्वपूर्ण कड़ियों और सुरागों की तरफ इशारा करता है, लेकिन इसके बावजूद जांच एजेंसी अब तक कई बुनियादी डिजिटल साक्ष्य (Digital Evidence) जुटाने में नाकाम रही है। कोर्ट ने जांच की दिशा और मामले को अदालत के सामने पेश करने के तरीके पर भी असंतोष व्यक्त किया।

Haryana न्यायिक अधिकारी के नाम पर दर्ज शिकायत ने बढ़ाई मामले की संवेदनशीलता

इस मामले की संवेदनशीलता इसलिए भी बहुत अधिक है क्योंकि शिकायतकर्ता खुद कानून और न्याय व्यवस्था से जुड़ी एक न्यायिक अधिकारी हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात को भी रेखांकित किया कि जब एक जज स्तर के अधिकारी के साथ इस तरह की धोखाधड़ी हो सकती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होता है। फिलहाल, डिजिटल साक्ष्यों की कमी और मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आरोपी को जेल में ही रखने का फैसला सुनाया है।

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