रिपोर्टर: अविनाश श्रीवास्तव
Sasaram : बिहार के सासाराम शहर के मध्य स्थित रेलवे मैदान में ‘मां ताराचंडी चांदनी उत्सव’ नामक डिज्नीलैंड मेले का भव्य आयोजन किया गया है। मनोरंजन के इस केंद्र में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोपरि रखा गया है। मेला प्रबंधन का दावा है कि जिला प्रशासन द्वारा तय की गई सभी कानूनी प्रक्रियाओं और सख्त दिशा-निर्देशों को पूरा करने के बाद ही इसका संचालन शुरू किया गया है।
Sasaram विशेषज्ञों की देखरेख में बड़े झूलों का संचालन
मेला प्रबंधक प्रकाश साव ने बताया कि शहर के बीचों-बीच स्थित होने के कारण सुरक्षा के हर मानक का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। मेले में लगे सभी छोटे-बड़े झूलों की रोजाना तकनीकी विशेषज्ञों की एक विशेष टीम द्वारा बारीकी से जांच की जाती है। विशेष रूप से जो बड़े और ऊंचे झूले हैं, उन्हें केवल अनुभवी ऑपरेटरों की देखरेख में ही चलाया जा रहा है ताकि किसी भी तकनीकी खराबी की गुंजाइश न रहे। यह मेला रोजाना शाम के समय आम जनता के लिए खोला जाता है।

Sasaram हालिया हादसों के बाद प्रशासन बेहद संवेदनशील
दरअसल, पिछले कुछ समय में हुए हादसों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन इस बार सुरक्षा को लेकर कोई कोताही नहीं बरत रहा है:

- सासाराम की पुरानी घटना: करीब दो हफ्ते पहले सासाराम के ही पायलट बाबा आश्रम के पास लगे एक अन्य मेले में झूला टूटने से तीन से चार लोग घायल हो गए थे।
- नालंदा का बड़ा हादसा: हाल ही में नालंदा के प्रसिद्ध मलमास मेले के दौरान ‘सुनामी झूले’ से गिरकर एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई थी।
इन घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सासाराम के इस नए मेले में हर झूले की सघन जांच के बाद ही संचालन की अनुमति दी है।
Sasaram सुरक्षा दावों की परीक्षा बाकी
यद्यपि मेला आयोजकों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने की बात कही है, लेकिन अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में उमड़ने वाली भीड़ के बीच ये सुरक्षा मापदंड कितने जमीनी और कारगर साबित होते हैं। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आयोजकों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

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