रिपोर्टर: गनेश सिंह
Uttarkashi : उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान और शुष्क मौसम के कारण बाड़ाहाट रेंज के जंगलों में भीषण आग लग गई है। आग ने देखते ही देखते इतना विकराल रूप ले लिया है कि इसकी लपटें अब रिहायशी इलाकों, आश्रमों और गोशालाओं की तरफ बढ़ने लगी हैं। इस प्राकृतिक संकट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं।
Uttarkashi चीड़ की सूखी पत्तियों ने भड़काई आग, जोगड़ और ज्ञानजा गांव पर संकट
मुख्यालय के पास स्थित बाड़ाहाट रेंज के जंगलों में चीड़ के पेड़ों की भरमार है। जंगलों में गिरी चीड़ की सूखी पत्तियां (पिरुल) इस समय बारूद का काम कर रही हैं, जिससे आग बहुत तेजी से फैल रही है। वन विभाग के मुताबिक, जोगड़ गांव के पास स्थित एक प्रसिद्ध आश्रम के बिल्कुल नजदीक तक आग की लपटें पहुंच चुकी हैं, जिससे वहां रह रहे साधु-संतों और लोगों की चिंता बढ़ गई है। इसके अलावा, आग तेजी से वरुणावत पर्वत की ओर बढ़ रही है, जिसकी वजह से ज्ञानजा गांव के ग्रामीणों की गोशालाओं पर भी जलने का खतरा मंडराने लगा है।
Uttarkashi तीन दिनों से तप रहा है उत्तरकाशी, धुएं के गुबार से सांस लेना हुआ दूभर
उत्तरकाशी जिले में पिछले तीन दिनों से पारे में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। इस भीषण गर्मी और सूखे मौसम ने दावानल (जंगल की आग) को और भड़का दिया है। जंगलों से उठ रहे काले धुएं और बारीक राख की वजह से आसपास के दर्जनों गांवों का वातावरण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हवा में फैले धुएं के कारण स्थानीय लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
Uttarkashi मोर्चे पर डटीं वन और फायर ब्रिगेड की टीमें, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
जंगलों को इस तबाही से बचाने के लिए वन विभाग और अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) की कई टीमों को अलग-अलग प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। दुर्गम पहाड़ी रास्तों और चीड़ की सूखी पत्तियों के कारण आग पर काबू पाना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहाड़ी और जंगल से सटे गांवों के लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों से सतर्क रहने और जंगलों की तरफ न जाने की अपील की गई है ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके।

