Naxalite RehabilitationNaxalite Rehabilitation
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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Naxalite Rehabilitation : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर स्थित नक्सली पुनर्वास केंद्र से बदलाव और हौसले की एक अनूठी व बेहद प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। कभी समाज की मुख्यधारा से भटककर नक्सली संगठन में सक्रिय रहे हरियाणा (कुरुक्षेत्र) के मूल निवासी जगतार सिंह ने साबित कर दिया है कि शिक्षा के उजाले से जीवन की किसी भी अंधेरी राह को बदला जा सकता है। पुनर्वास केंद्र में रहते हुए जगतार ने 10वीं बोर्ड की परीक्षा में न केवल सफलता हासिल की, बल्कि 72 प्रतिशत अंक लाकर प्रथम श्रेणी से परीक्षा उत्तीर्ण की है।

Naxalite Rehabilitation 28 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किताबों से दोबारा नाता

जगतार सिंह की यह शैक्षणिक यात्रा आसान नहीं थी। उन्होंने साल 1998 में आठवीं कक्षा पास की थी, जिसके बाद परिस्थितियों के चलते लगभग 28 वर्षों तक उनका पढ़ाई-लिखाई से नाता पूरी तरह टूट गया था। करीब तीन दशकों के इस लंबे अंतराल के बाद फिर से किताबें उठाना और परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना उनकी अटूट इच्छाशक्ति को दर्शाता है। पुनर्वास केंद्र के अधिकारी इस कामयाबी को एक ऐतिहासिक उदाहरण मान रहे हैं।

Naxalite Rehabilitation संगठन में संभाला था बड़ा पद, फिर चुना मुख्यधारा का रास्ता

मिली जानकारी के अनुसार, जगतार सिंह साल 2016 से छत्तीसगढ़ के गरियाबंद, धमतरी और ओडिशा के नुआपाड़ा जैसे दुर्गम क्षेत्रों में नक्सली संगठन में सक्रिय थे। वे संगठन में डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) जैसे बड़े और महत्वपूर्ण पद पर काम कर रहे थे। हालांकि, हिंसा का रास्ता छोड़कर जब उन्होंने आत्मसमर्पण किया, तो भानुप्रतापपुर पुनर्वास केंद्र ने उन्हें नई जिंदगी शुरू करने का मौका दिया, जहां उन्होंने बंदूकों की गूंज को पीछे छोड़ते हुए किताबों को अपना हमसफर बना लिया।

Naxalite Rehabilitation भविष्य में पत्रकार बनकर समाज को दिशा देने का संकल्प

अपनी इस शानदार सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए जगतार सिंह ने आगे भी उच्च शिक्षा जारी रखने की इच्छा जताई है। उन्होंने अपने भविष्य के सपने को साझा करते हुए कहा कि वह आगे चलकर पत्रकार बनना चाहते हैं। पत्रकारिता के माध्यम से वे समाज में सकारात्मकता फैलाना चाहते हैं और भटके हुए युवाओं को सही राह दिखाना चाहते हैं। उन्होंने अपनी इस कामयाबी का पूरा श्रेय पुनर्वास केंद्र के अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन और सहयोग को दिया है।

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