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Report by: Ranjan Kumar

Sheikhpura : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में शेखपुरा जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत जिले के 10 गाँवों को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित करने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। इस योजना से न केवल ग्रामीणों को निर्बाध बिजली मिलेगी, बल्कि वे भारी-भरकम बिजली बिलों के बोझ से भी मुक्त हो सकेंगे।

Sheikhpura जिला प्रशासन की तैयारी और डीएम के निर्देश

जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रूपरेखा तैयार की गई। डीएम ने विद्युत विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चयनित गाँवों में सोलर संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि यह सरकार की एक ऐसी योजना है जिससे मामूली निवेश पर परिवार अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर हो सकते हैं।

शेखर आनंद- डीएम शेखपुरा

Sheikhpura इन 10 गाँवों का हुआ चयन

प्रथम चरण में जिले के 10 प्रमुख गाँवों को इस मॉडल प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। इनमें शामिल हैं:

रंजीत कुमार उर्फ बुधन स्थानीय
  • गव्य, मेहूस, गगौर, डीह कुसुंभा
  • लोहान, तेउस, पांची, अंबारी
  • हुसैनाबाद और घुसकुरी इन गाँवों के कुल 12,634 कुटीर ज्योति योजना के उपभोक्ताओं के घरों पर पूरी तरह मुफ्त सोलर पैनल लगाए जाएंगे। अन्य उपभोक्ताओं को भी योजना का लाभ देने के लिए प्रक्रिया सरल बनाई गई है।

Sheikhpura जीविका दीदियों का घर-घर दस्तक और सहमति पत्र

योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जीविका दीदियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जीविका दीदियाँ घर-घर जाकर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के लाभ समझा रही हैं और उनसे आधिकारिक सहमति पत्र प्राप्त कर रही हैं। ग्रामीणों में इस योजना को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यह सीधे तौर पर उनकी बचत और जीवन स्तर को प्रभावित करने वाली है।

Sheikhpura सोलर पैनल के लिए वित्तीय सहायता और सब्सिडी

उपभोक्ताओं को आर्थिक बोझ न उठाना पड़े, इसके लिए सरकार ने बैंक ऋण और सब्सिडी की व्यवस्था की है। सोलर संयंत्र की क्षमता के आधार पर सहायता राशि इस प्रकार है:

  • 1 किलोवाट: ₹30,000 का प्रावधान।
  • 2 किलोवाट: ₹60,000 की सहायता।
  • 3 किलोवाट: ₹76,000 तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस वित्तीय मॉडल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर ग्रामीण अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार सोलर पैनल लगवा सके और ग्रिड बिजली पर अपनी निर्भरता कम कर सके।

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