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Report by: Ravindra Singh

Gwalior : मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर की प्रथम नागरिक और महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार के काफिले पर उस समय हड़कंप मच गया, जब अज्ञात बदमाशों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। यह घटना उज्जैन-मक्सी रोड पर घटित हुई, जहाँ बदमाशों ने न केवल महापौर की गाड़ी को निशाना बनाया बल्कि लोहे की रॉड से हमला कर दहशत का माहौल पैदा कर दिया। गनीमत रही कि सुरक्षा गार्डों की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई।

Gwalior घटना का घटनाक्रम: अचानक हुआ हमला

जानकारी के अनुसार, महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार अपने निजी कार्यक्रम या यात्रा के दौरान उज्जैन से गुजर रही थीं। जैसे ही उनका वाहन उज्जैन-मक्सी रोड पर पहुँचा, पूर्व से घात लगाए बैठे कुछ अराजक तत्वों ने उनके वाहन को घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों के हाथों में लोहे की रॉड और अन्य हथियार थे। बदमाशों ने बिना किसी चेतावनी के महापौर की चलती गाड़ी पर प्रहार करना शुरू कर दिया। इस हमले में महापौर की कार के शीशे चकनाचूर हो गए।

Gwalior गार्ड की जांबाजी: सुरक्षित निकाली गईं महापौर

हमला इतना अचानक और भीषण था कि गाड़ी के अंदर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही शीशे टूटकर अंदर गिरने लगे। ऐसी विकट परिस्थिति में महापौर के साथ मौजूद सुरक्षा गार्ड (बाउंसर/सुरक्षाकर्मी) ने तुरंत मोर्चा संभाला। गार्ड ने साहस दिखाते हुए बदमाशों को पीछे धकेला और सूझबूझ का परिचय देते हुए महापौर को सुरक्षित घेरे में ले लिया। यदि सुरक्षाकर्मी समय पर जवाबी कार्रवाई न करते, तो हमलावर किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते थे।

Gwalior नशेड़ियों और बदमाशों पर संदेह

प्रारंभिक छानबीन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इस हमले के पीछे स्थानीय नशेड़ियों या आदतन बदमाशों का हाथ हो सकता है। जिस तरह से हमले को अंजाम दिया गया, उससे प्रतीत होता है कि हमलावर किसी विशेष रंजिश या लूट की नीयत से वहां सक्रिय थे। हालांकि, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह हमला सुनियोजित था या अचानक हुई किसी झड़प का नतीजा।

Gwalior पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और सूचना

घटना के तुरंत बाद महापौर की ओर से उज्जैन पुलिस अधीक्षक (SP) को मामले की गंभीरता से अवगत कराया गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुँचा और साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया। पुलिस ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। ग्वालियर में भी इस घटना की खबर मिलते ही समर्थकों में रोष व्याप्त है और उन्होंने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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