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Report by: Rishav Kumar

Nawada : बिहार के नवादा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ मासूम बच्चों से भरी एक स्कूल वैन अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में एक छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग 20 से 25 बच्चे गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में कोहराम मच गया है और स्थानीय लोगों में स्कूल प्रशासन की लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है।

Nawada 20 फीट गहरी खाई में चार बार पलटी वैन

यह दुखद हादसा नवादा के गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत कमलापुर रोड पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल वैन की रफ्तार काफी तेज थी। मोड़ पर संतुलन बिगड़ने के कारण वाहन सड़क से करीब 20 फीट नीचे जा गिरा और लगभग चार बार पलटते हुए खाई में जा समाया। पास के खेतों में गेहूं की कटाई कर रहे ग्रामीणों ने जब बच्चों की चीख-पुकार सुनी, तो वे तुरंत बचाव कार्य के लिए दौड़े और कड़ी मशक्कत के बाद बच्चों को वाहन से बाहर निकाला।

Nawada मासूम आयुषी की मौत, घायलों का अस्पताल में इलाज जारी

इस भीषण दुर्घटना में मृत बच्ची की पहचान आयुषी कुमारी के रूप में हुई है। वहीं, घायल बच्चों को तुरंत नजदीकी अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई बच्चों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।

Nawada क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने का गंभीर आरोप

स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल संचालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि जिस वैन में मात्र 12 से 15 बच्चों को बैठाने की अनुमति होनी चाहिए, उसमें भेड़-बकरियों की तरह 25 से अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार इस हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। घटना के बाद जब आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की, तो किसी ने भी फोन नहीं उठाया, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है।

Nawada स्कूल प्रशासन की मनमानी पर उठते सवाल

नवादा की इस घटना ने एक बार फिर निजी स्कूलों के सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि प्रशासन ऐसे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं करता जो नियमों को तांक पर रखकर मासूमों की जान जोखिम में डालते हैं। सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी और फिटनेस रहित वाहनों का स्कूल वैन के रूप में संचालन बच्चों के लिए काल साबित हो रहा है। पुलिस अब इस मामले में वाहन चालक और स्कूल प्रबंधन की भूमिका की जांच कर रही है।

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